Feeding Fish Benefits: हिंदू धर्म और ज्योतिष में प्रकृति से जुड़े जीव-जंतुओं को भोजन कराना पुण्यदायी माना गया है. मान्यता है कि किसी जीव को भोजन कराने से सकारात्मकता बढ़ती है और जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है. इसी कड़ी में नदी, तालाब या अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों में रहने वाली मछलियों को आटे की गोलियां खिलाने का भी विशेष महत्व बताया गया है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नियमित रूप से मछलियों को भोजन कराने से कुछ ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, यह उपाय प्राकृतिक जलस्रोतों की मछलियों से जुड़ा माना जाता है और घर के एक्वेरियम में पाली गई मछलियों पर इसे उसी रूप में लागू नहीं किया जाता.
मछलियों को आटा खिलाने से किन ग्रहों का संबंध?
ज्योतिष शास्त्र में मछलियों को आटा खिलाने का संबंध मुख्य रूप से राहु, केतु और शनि ग्रह से बताया जाता है. मान्यता है कि इस उपाय से इन ग्रहों से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को शांत करने में सहायता मिल सकती है. इसके अलावा बुध, सूर्य और देवगुरु बृहस्पति से संबंधित दोषों को कम करने के लिए भी मछलियों को भोजन कराने का उपाय बताया गया है. राहु-केतु से जुड़ी बाधाओं, शनि के अशुभ प्रभाव और जीवन में आने वाली अचानक परेशानियों को कम करने के लिए इस उपाय को उपयोगी माना जाता है.
मछलियों को आटा खिलाने से क्या फायदे माने जाते हैं?
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मछलियों को आटा खिलाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है. इसे राहु-केतु की शांति, शनि के दोषों से राहत और नकारात्मकता कम करने से जोड़कर देखा जाता है. कुछ मान्यताओं में इसे पितृ दोष से राहत, आर्थिक परेशानियां कम होने और धन-समृद्धि के लिए भी उपयोगी बताया गया है. हालांकि, ये सभी बातें ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, वैज्ञानिक रूप से इनका प्रमाण स्थापित नहीं है.
किस दिन और किस समय खिलाएं आटे की गोलियां?
मछलियों को आटे की गोलियां किसी भी दिन श्रद्धा के अनुसार खिलाई जा सकती हैं, लेकिन शुक्रवार और शनिवार को इसके लिए विशेष माना जाता है. मान्यता के अनुसार शुक्रवार को यह उपाय आर्थिक उन्नति और कर्ज से राहत के लिए तथा शनिवार को शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने के उद्देश्य से किया जाता है. कुछ लोग गुरु ग्रह से जुड़े लाभ या मानसिक शांति के लिए इसे नियमित रूप से भी करते हैं. धार्मिक मान्यताओं में मछलियों को आटा खिलाने का समय भी महत्वपूर्ण माना गया है और इसे सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद करने की सलाह दी जाती है.
ये भी पढ़ें: Jiutiya Vrat: आज रखा जा रहा जीउतिया व्रत, माताओं के लिए खास है यह दिन, जानें पूजा का शुभ समय और नियम