वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद से ही देश में हलचल काफी तेज है. हालांकि इस गिरफ्तारी पर कई देशों की प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है. इस बीच कोलंबिया के राष्ट्रपति का बयान सामने आया है. उन्होंने दावा किया कि उनका देश भी अमेरिका के निशाने पर हो सकता है.
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने दावा करते हुए कहा कि वेनेजुएला के बाद अमेरिका का अगला निशाना उनका देश हो सकता है. हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है या फिर महज दावे भर है इसपर कोई आधिकारिक बयान नहीं है. लेकिन राष्ट्रपति ने ट्रंप को सीधे तौर पर चेतावनी दी और कहा कि अघर हिम्मत हैं तो हमला करें वो इसके लिए तैयार हैं.
ट्रंप के बयान से भड़का विवाद
वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद दिए गए एक बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि कोलंबिया एक “बीमार नेता” के हाथों में है और यही देश अमेरिका में कोकीन की आपूर्ति का बड़ा स्रोत है. ट्रंप ने यहां तक इशारा किया कि कोलंबिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है.इस बयान के सामने आते ही कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई और सरकार पर दबाव बढ़ने लगा.
पेट्रो की खुली चेतावनी
राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने ट्रंप के बयान का जवाब बेहद आक्रामक लहजे में दिया. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने कोलंबिया पर हमला किया तो हालात नियंत्रण से बाहर चले जाएंगे. पेट्रो के अनुसार, ऐसी स्थिति में देश हथियार उठाने के लिए मजबूर हो सकता है और बड़े पैमाने पर गुरिल्ला संघर्ष शुरू होने की आशंका है.उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी लोकप्रिय राष्ट्रपति को जबरन गिरफ्तार करने की कोशिश हुई, तो जनता का आक्रोश विस्फोटक रूप ले सकता है, जिसे रोक पाना आसान नहीं होगा.
पूर्व गुरिल्ला नेता का कड़ा रुख
गौरतलब है कि गुस्तावो पेट्रो खुद कभी वामपंथी गुरिल्ला आंदोलन से जुड़े रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने दशकों पहले हिंसा का रास्ता छोड़ने की कसम खाई थी, लेकिन अगर कोलंबिया की संप्रभुता और आत्मसम्मान खतरे में पड़ा, तो वह फिर से संघर्ष के लिए तैयार हो सकते हैं.उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर काफी चर्चा और चिंता का विषय बन गया है.
सरकार ने संभालने की कोशिश की स्थिति
राष्ट्रपति के तीखे बयानों के बाद कोलंबिया के विदेश मंत्रालय ने संतुलित रुख अपनाते हुए स्थिति को शांत करने की कोशिश की. मंत्रालय ने साफ किया कि कोलंबिया आपसी सम्मान और संवाद के जरिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है. किसी भी तरह की धमकी, दबाव या सैन्य बल प्रयोग को देश स्वीकार नहीं करता.
पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं रिश्ते
अमेरिका और कोलंबिया के रिश्तों में यह तनाव कोई नया नहीं है. बीते अक्टूबर में अमेरिका ने ड्रग तस्करी से जुड़े आरोपों को लेकर राष्ट्रपति पेट्रो और उनके परिवार के कुछ सदस्यों पर प्रतिबंध लगाए थे.कोलंबिया को दुनिया में कोकीन उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, और इसी मुद्दे को लेकर अमेरिका लंबे समय से नाराजगी जाहिर करता रहा है.
वेनेजुएला के बाद कोलंबिया की बारी?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम को वेनेजुएला से जोड़कर देखा जा रहा है. कुछ महीने पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने भी ट्रंप को खुली चुनौती दी थी, जिसके बाद अमेरिका ने बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.अब पेट्रो की चुनौती ने यह आशंका और गहरा दी है कि अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच टकराव आने वाले समय में और तेज हो सकता है.
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