CNG Price Hike: दिल्ली में फिर महंगी हुई सीएनजी, कितने बढ़े दाम, आपके शहर में क्या है ताजा रेट?

दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है. एक बार फिर सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों का बजट प्रभावित होने वाला है.

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CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है. एक बार फिर सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों का बजट प्रभावित होने वाला है. गैस कंपनियों ने सीएनजी के दाम में 1 रुपये प्रति किलो की नई बढ़ोतरी की है. इससे पहले भी हाल ही में 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा किया गया था. यानी सिर्फ तीन दिनों के भीतर सीएनजी कुल 3 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है.

नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़कर 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है. वहीं नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में सीएनजी अब 88.70 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बिक रही है. लगातार बढ़ती कीमतों ने टैक्सी, ऑटो और निजी वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है.

दिल्ली से लेकर यूपी और हरियाणा तक बढ़े दाम

नई कीमतों का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि एनसीआर और आसपास के कई शहरों में भी सीएनजी महंगी हुई है. मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और हापुड़ जैसे शहरों में भी कीमतों में इजाफा दर्ज किया गया है. वहीं हरियाणा के गुरुग्राम, रेवाड़ी, करनाल और कैथल में भी नई दरें लागू हो चुकी हैं.

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सीएनजी की कीमत 84 रुपये प्रति किलो पर बनी हुई है. हालांकि फिलहाल पाइप के जरिए घरों तक पहुंचने वाली PNG और घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे रसोई गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है.

कहां कितनी हो गई सीएनजी की कीमत?

नई दरों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर और अन्य शहरों में सीएनजी की कीमतें इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली : 80.09 रुपये प्रति किलो
  • नोएडा : 88.70 रुपये प्रति किलो
  • गाजियाबाद : 88.70 रुपये प्रति किलो
  • मेरठ : 88.58 रुपये प्रति किलो
  • मुजफ्फरनगर : 88.58 रुपये प्रति किलो
  • शामली : 88.58 रुपये प्रति किलो
  • गुरुग्राम : 85.12 रुपये प्रति किलो
  • रेवाड़ी : 84.70 रुपये प्रति किलो
  • करनाल : 84.43 रुपये प्रति किलो
  • कैथल : 85.43 रुपये प्रति किलो
  • कानपुर : 91.42 रुपये प्रति किलो
  • हमीरपुर : 91.42 रुपये प्रति किलो
  • फतेहपुर : 91.42 रुपये प्रति किलो
  • अजमेर : 89.44 रुपये प्रति किलो
  • पाली : 89.44 रुपये प्रति किलो
  • राजसमंद : 89.44 रुपये प्रति किलो
  • महोबा : 86.42 रुपये प्रति किलो
  • बांदा : 86.42 रुपये प्रति किलो
  • चित्रकूट : 86.42 रुपये प्रति किलो
  • हापुड़ : 89.70 रुपये प्रति किलो
  • ग्रेटर नोएडा : 88.70 रुपये प्रति किलो

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सीएनजी के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की महंगी होती कीमतें हैं. भारत अपनी जरूरत का 50 फीसदी से ज्यादा प्राकृतिक गैस विदेशों से आयात करता है. ऐसे में वैश्विक स्तर पर सप्लाई प्रभावित होने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है.

होर्मुज संकट के बाद गैस सप्लाई को लेकर दबाव बढ़ा है. मांग बढ़ने और आपूर्ति में कमी आने की वजह से गैस कंपनियों की खरीद लागत लगातार बढ़ रही है. कंपनियों का कहना है कि अगर कीमतों में संशोधन नहीं किया गया तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. यही कारण है कि लागत का बोझ अब उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है.

ऑटो और कैब चालकों की बढ़ी परेशानी

सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहन चालकों पर पड़ रहा है. दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में वाहन सीएनजी पर चलते हैं. ऐसे में ईंधन महंगा होने से ड्राइवरों की कमाई प्रभावित हो रही है.

कई वाहन चालकों का कहना है कि किराया बढ़ाए बिना खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है. वहीं आम यात्रियों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है, क्योंकि आने वाले दिनों में ऑटो और कैब का किराया बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

आगे और बढ़ सकते हैं दाम

ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं और सप्लाई संकट जारी रहता है, तो आने वाले समय में सीएनजी के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है. फिलहाल तेल और गैस कंपनियां बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के खर्च पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है. आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और गैस बाजार की स्थिति तय करेगी कि उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी या महंगाई का दबाव और बढ़ेगा.

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