चीन से लेकर पाकिस्तान तक... बंगाल की खाड़ी पर क्यों टिकी है सबकी नजर? बांग्लादेश भी हुआ एक्टिव

Bay of Bengal News: बांग्लादेश में तारिक रहमान सरकार बनने के बाद बंगाल की खाड़ी को लेकर एक अहम सम्मेलन हो रहा है. इसमें भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. शनिवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सम्मेलन को संबोधित किया.

China Pakistan gaze fixed on the Bay of Bengal Bangladesh has also become active
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Bay of Bengal News: बांग्लादेश में तारिक रहमान सरकार बनने के बाद बंगाल की खाड़ी को लेकर एक अहम सम्मेलन हो रहा है. इसमें भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. शनिवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने बंगाल की खाड़ी को क्षेत्र के लिए 'साझी समृद्धि' का जरिया बनाने पर जोर दिया.

तारिक रहमान ने भारत का नाम लिए बिना कहा कि इस क्षेत्र का भूगोल सभी देशों को एक-दूसरे से जोड़ता है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की नीति बातचीत, सहयोग और एक-दूसरे के सम्मान पर आधारित रहेगी और वह सभी साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है.

इसी सम्मेलन में बांग्लादेश के एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी ने बंगाल की खाड़ी को विदेशी सैन्य दखल से दूर रखने की बात कही. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत ने ग्रेट निकोबार में एक बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. यह इलाका मलक्‍का स्ट्रेट के काफी करीब है और चीन भी इस प्रोजेक्ट पर नजर रख रहा है.

पाकिस्तान की भी नजर

बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद भारत के साथ रिश्तों को लेकर भी कई मुद्दे सामने आए हैं. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. इसी वजह से तारिक रहमान अब तक भारत की यात्रा से बचते रहे हैं. उन्होंने अपने दूसरे विदेशी दौरे के लिए चीन का दौरा किया था, जहां कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की थी.

पाकिस्तान भी बंगाल की खाड़ी में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी में है. पाकिस्तानी नौसेना पहले ही चीन से मिली हंगोर क्लास पनडुब्बियों को बंगाल की खाड़ी में तैनात करने की इच्छा जता चुकी है.

सार्क को फिर से एक्टिव करना चाहता है बांग्लादेश

तारिक रहमान भारत की आपत्ति के बावजूद पाकिस्तान के साथ मिलकर सार्क को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं. वह नेपाल और भूटान जैसे देशों से भी सार्क को फिर से शुरू करने की अपील कर रहे हैं.

भारत का कहना है कि सार्क के सामने सबसे बड़ी समस्या पाकिस्तान है. इसके बजाय भारत BIMSTEC जैसे क्षेत्रीय संगठन पर ज्यादा जोर देता है, जिसमें पाकिस्तान शामिल नहीं है. हालांकि, बांग्लादेश की नई सरकार फिलहाल सार्क को फिर से मजबूत करने पर जोर दे रही है.

चटगांव यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सुजीत कुमार दत्ता ने 'डेली स्टार' में लिखे अपने लेख में कहा है कि बंगाल की खाड़ी अब दुनिया की बड़ी ताकतों के लिए काफी अहम हो गई है.

उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी भारत की समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर की रणनीति में महत्वपूर्ण जगह रखती है. भारत ने इस क्षेत्र में अपनी तटीय निगरानी और नौसैनिक क्षमता को मजबूत किया है. भारत की भौगोलिक स्थिति भी उसे यहां अहम भूमिका देती है. हालांकि, यह क्षेत्र सिर्फ भारत के हितों तक सीमित नहीं है. बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड समेत दूसरे देशों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा.

प्रोफेसर दत्ता के मुताबिक, चीन भी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव यानी BRI के जरिए बंगाल की खाड़ी में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. इसके चलते चीन अब इस क्षेत्र की बदलती भू-राजनीति का एक अहम हिस्सा बन गया है.

चीन और अमेरिका की भी बंगाल की खाड़ी पर नजर

सुजीत कुमार दत्ता का कहना है कि बांग्लादेश के हित में यही है कि वह किसी एक देश पर निर्भर न रहे और क्षेत्रीय व वैश्विक ताकतों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखे. बांग्लादेश चीन के साथ-साथ अमेरिका के साथ भी अपने रक्षा और रणनीतिक संबंध मजबूत कर रहा है.

अमेरिका की नजर बांग्लादेश के सेंट मार्टिन द्वीप पर भी है, जिसे हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. वहीं, बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड सिक्योरिटी स्टडीज के अध्यक्ष रिटायर्ड मेजर जनरल एएनएम मुनीरुज्जमैन ने कहा है कि बांग्लादेश बंगाल की खाड़ी को शांतिपूर्ण और बाहरी सैन्य ताकतों के दखल से मुक्त क्षेत्र के रूप में देखना चाहता है.

दूसरी ओर, चीन को आशंका है कि भारत का ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट मलक्‍का स्ट्रेट के पास उसकी रणनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है. यही वजह है कि बंगाल की खाड़ी में भारत, चीन और अमेरिका समेत कई देशों की गतिविधियों पर अब लगातार नजर बनी हुई है.

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