भारत 24 के खास कार्यक्रम 'Building Bharat Leadership Summit' में महामंडलेश्वर राघवेंद्र भारती जी महाराज निरंजनी अखाड़ा ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अपनी दिनचर्या से लेकर धर्म और संस्कृति पर विस्तार से अपनी बात रखी. साथ ही महामंडलेश्वर राघवेंद्र भारती जी के द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान को लेकर भी अपनी बात रखी. तो चलिए अब आपको बताते हैं कि इस खास बातचीत में महामंडलेश्वर राघवेंद्र भारती जी महाराज ने किन महत्वपूर्व बिंदुओं पर जोर देते हुए अपनी बात रखी.
आपकी दिनचर्या किस तरह की होती है? कैसे आप मैनेज करते हैं?
शंकरम शंकराचार्यम केशवम बादम सुत भाष वंदे भगवंत पुनः पुनः. आज आपके इस भारत 24 जो यह आपका एक पूरे भारत को पूरा विश्व इसको देख रहा है. मैं सबसे पहले बहुत-बहुत शुभकामनाएं बधाई दूंगा इस चैनल को और शुभ मंगल कामना. जो हमारी दिनचर्या है वो प्रातः काल जो है भगवान की पूजा पद्धति से भगवान के अभिषेक से प्रारंभ होकर रोज जो है प्रतिदिन धर्म की सेवा में और राष्ट्र की सेवा में यह कार्य जो है आश्रम की तरफ से जो हमें जिम्मेवारी मिली है उस कार्य को हम आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं और बस रोज सुबह उठने के बाद मन में एक यह प्रयास होता है कि हम किस प्रकार किस प्रकार धर्म को और राष्ट्र को इस देश को और दुनिया में भारत का नाम हो ऐसा क्या कार्य करें कि हमारे देश का नाम हमारे देश की द्वजा जो है उसका पताका पूरा विश्व देखे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है विकसित भारत 24 का. इसमें धर्म और संस्कृति का योगदान कितना इंपॉर्टेंट हैं?
जो देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जो विकसित भारत का जो उन्होंने सपना देखा है यह सपना अवश्य पूर्ण होगा. इसमें सनातन संस्कृति और जो धर्म है उसका विशेष एक सहयोग रहेगा क्योंकि हम अपने जीवन में आगे जब बढ़ते हैं अच्छे कार्य करते हैं जब तक हम धार्मिक नहीं होंगे. जब तक हम हमारे मन में भाव नहीं होगा. हम सनातन से हमारा प्रेम नहीं होगा. तो हम अच्छे कर्मों में तभी जाएंगे जब हम धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति होंगे.
और आप देखिए भारत के अंदर आप चाहे अयोध्या है चाहे काशी विश्वनाथ है चाहे उज्जैन है आज लाखों लोग देश के लाखों लोग रोज जो हैं प्रतिदिन वहां पहुंचकर भगवान के दर्शन भी कर रहे हैं और लाखों लोगों का रोजगार भी जो है वहां सनातन धर्म की छत्रछाया में लाखों लोगों का घर भी चल रहा है. आप चाहे प्रयागराज में देख लीजिए 50 करोड़ अगर जनता 60 करोड़ जनता ने स्नान किया तो वहां के लोगों को चाहे वो किश्ती वाला है चाहे वो फल वाला है चाहे वो रूम वाला है चाहे वो धर्मशाला वाला है तो सबको खूब अच्छे से उनका विकास हुआ आर्थिक रूप से भी तो सनातन धर्म का विकसित भारत में बहुत सहयोग है और सदा रहेगा.
युवा नशे से दूर रहें, इसके लिए आप हरियाणा में अभियान चला रहे हैं. इसके पीछे आपका उद्देश्य क्या है?
आज जो नशा है नशा केवल नशा ना होकर वो राष्ट्र के लिए परिवार के लिए समाज के लिए एक ऐसा अभिशाप हो चुका है जो हमारे देश के युवाओं को अपने एक ऐसी गिरफत में जकड़ चुका है. हमारे देश के जो युवा पीढ़ी है वो नशे के गुलाम होते जा रहे हैं. अगर युवा नशे का गुलाम हो जाएगा तो वह कहां से उसके मन में आगे बढ़ने की भावना आएगी? वो जो है वो केवल उसका नशा यह सिगरेट शराब यह जो आजकल के ऐसे ऐसे नशे चले हैं काली चिट्टा ये केवल वो नशा नहीं है. ये नशा उनके जीवन को मौत की तरफ खींच के लेकर जा रहा है. आज देश का युवा जो है अगर हमारा भारत को विकसित भारत का जो हमारा सपना देश के प्रधानमंत्री जी ने देखा है.
तो उसमें देश के युवा का सहयोग देश के युवा की तपस्या देश के युवा का बल यदि हमारे युवा नशे से दूर नहीं होंगे तो वो पढ़ाई में कैसे आगे बढ़ेंगे? अगर व्यक्ति शिक्षित नहीं होगा आईएएस आईपीएस कैसे बनेगा? अगर हमें भारत को आगे बढ़ाना है तो सबसे पहले हमारे देश की जो भविष्य है, हमारे देश की जो एक रीड की हड्डी है युवा उनको नशे से दूर होना होगा. नशा व्यक्ति के जीवन को बिल्कुल उसको समाप्त कर देता है. आप देखते हैं अभी होली गई. मैंने इस होली के ऊपर बहुत हरियाणा में भी दिल्ली में बहुत यहां पर लोगों को जाकर के एक जन जागरण का कार्य किया कि लोग जो है जागरूक हो और इस होली पे इस होली को केवल फूलों के साथ रंग के साथ मिठाइयों के साथ इस होली को मनाएं क्योंकि हम देखते हैं होली वाले दिन अनेकों एक्सीडेंट होते हैं. लोग नशा करके झगड़े करते हैं.
मेरा तो यही भाव है कि जो भारत है हम और अगर हम चाहते हैं भारत का नाम विश्व में हो तो हमारे युवाओं को नशा छोड़ना होगा और हरियाणा के अंदर राघवेंद्र संकल्प यात्रा जो है हरियाणा के प्रत्येक शहर में जाके प्रत्येक जिले में जाके देश हरियाणा के युवाओं को महिलाओं को बच्चों को परिवारों को इकट्ठा करके प्रत्येक महीने दो शहरों के अंदर भव्य सुंदरकांड का पाठ और नशा मुक्त अभियान को आगे बढ़ा आ रहा है, जिसमें आप देखिए आजकल सोशल का समय है तो सब YouTube पे सब मीडिया में ढाई ढाई हजार लोग इस कार्यक्रम में आ रहे हैं और बहुत सारे लोगों ने मंच से नशा छोड़ने की प्रतिज्ञा ली है और अपने साथ में मेहनत है वो रंग ला रही है.
हां बिल्कुल रंग ला रही है और अपने साथ में अपने जो उनके परिचित लोग हैं उनसे भी नशा छुड़वाया जा रहा है. भविष्यकाल में हरियाणा के प्रत्येक शहर में ही नहीं भारत के हर शहर में जाकर यह जो संकल्प यात्रा है जहां-जहां जिस शहर में हमारे फॉलोवर्स हैं वैसे तो हरियाणा के लगभग सभी शहरों में दिल्ली में बहुत सारी जगहों पर पंजाब में राजस्थान में हमारे अनेकों अनेक भगत हैं जहां पर इस राघवेंद्र संकल्प यात्रा की छत्रछाया में लोगों को नशे से दूर किया जाएगा. सनातन धर्म से जोड़ा जाएगा. मेरे देश का युवा नशे से दूर होगा तो उसका जीवन आगे बढ़ेगा. उसका परिवार आगे बढ़ेगा. बस मैं ऐसी मनोकामना करता हूं और आपके चैनल के माध्यम से कहना चाहूंगा नशा छोड़ो जीवन छोड़ो. नशा मुक्त हो भारत संकल्प है हमारा.
सरकार जो लगातार कार्य कर रही है धार्मिक स्थल को लेकर. उसे आप कैसे देखते हैं?
सरकार को अपना काम करना है. किसी भी कार्य के लिए जब हम आगे बढ़ते हैं तो बहुत सारे पत्रकार बंधु भी मुझे बोलते हैं कि स्वामी जी नशा बिक रहा है. सरकार को पता है नशा बिक रहा है. तो मैं हमेशा एक ही बात बोलता हूं, जो एक शराब की दुकान है. वो तो सबके लिए है. लेकिन उसी शहर में रहने वाले लोग कुछ लोग तो वहां से शराब खरीद रहे हैं और पी रहे हैं और बहुत सारे लोग उस शराब की तरफ देख भी नहीं रहे तो सरकार बेच रही है सरकार को पता है लेकिन हमारा कार्य है प्रत्येक व्यक्ति की आत्मा को जन जागरण करना कि जो और नहीं पी रहे आप भी उनकी दिशा पे चलो हम-आप भी नशे से दूर हो जाओ उसी प्रकार सरकार जो है किस मन से देख रही है हम हम तो साधु हैं.
हमें तो हमारे लिए तो सब कुछ भगवान महादेव हैं. हमारे लिए सब कुछ सनातन धर्म है. हमारे लिए सब कुछ राष्ट्रभक्ति है. तो हम अपनी गति से इस भारत को सनातन धर्म के भारत को क्योंकि एक भारत देश ही ऐसा देश है जहां मां गंगा है. भारत देश ऐसा देश है जिसको भारत के अंदर देश में अनेकों अनेक ऋषि मुनियों ने बलिदान दिए. इस देश के अंदर सनातन धर्म के लिए समय-समय पर देश का संत समाज आगे आया. चाहे वह पूजन पाठ हो, चाहे वो कहीं युद्ध का मैदान हो, चाहे वो कहीं भी कोई स्थान हो. संतों ने अपना पूरा योगदान दिया है. वो देते रहेंगे और भारत को विश्व गुरु बनाने की तरफ लेकर अवश्य जाएंगे.
सनातन धर्म की परिभाषा क्या है?
सनातन धर्म जो है जो सदा था सदा है सदा रहेगा जिस प्रकार सूर्य भगवान प्रात काल में जब सूर्य भगवान की किरणें निकलती हैं और पूरे ब्रह्मांड के ऊपर पूरे समाज में पूरे संसार के अंदर उनकी किरणें जो गिरती हैं जिस प्रकार सूर्य भगवान की ये किरणें पूरे संसार में गिर रही हैं उसी प्रकार ये सनातन धर्म है और जो अगर सूर्य भगवान की किरणें कम हो सकती है तो सनातन धर्म कम हो सकता है. अन्यथा सनातन को कोई कम नहीं कर सकता. सनातन की मजबूती को कोई कम नहीं कर सकता. सनातन धर्म आरंभ है और सनातन धर्म की परिभाषा ही जो है वो सबके सुख के लिए है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोई खासियत, जो सबके अंदर होनी चाहिए.
मुझे माननीय नरेंद्र मोदी जी तो हमारे भारत के प्रधानमंत्री हैं, राजा हैं. जो हमने यह नशा मुक्त भारत अभियान हरियाणा में प्रारंभ किया है. वो देश के प्रधानमंत्री जी को मैंने एक दिन ऐसे मंच के माध्यम से सुना था. तो प्रधानमंत्री जी ने जब देश के युवाओं के ऊपर ये चर्चा की नशा मुक्त हो भारत संकल्प है हमारा इस विषय को लेकर. तो उसी दिन से हमने यह प्रण ले लिया के धर्म के साथ में राष्ट्र सेवा में राष्ट्र सेवा में तो हम सारे ही कार्य करते हैं. लेकिन मुझे प्रधानमंत्री जी का यह जो कार्य था कि देश का युवा नशे से दूर होगा तो देश आगे बढ़ेगा. उसी दिन से हमने जो है भारत को नशा मुक्त करने के लिए यह कार्य आगे बढ़ाया. मैं देश के प्रधानमंत्री जी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने देश के युवाओं के लिए देश के भविष्य के लिए नशा मुक्त भारत करने का यह जो सपना देखा है वो अवश्य एक दिन पूर्ण होगा.
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