कल संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जानें क्यों अहम है आर्थिक सर्वेक्षण

Economic Survey 2026: देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला वक्त एक बार फिर आ गया है. संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है और यह 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा.

budget session Finance Minister Nirmala Sitharaman will present the Economic Survey in Parliament tomorrow
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Economic Survey 2026: देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला वक्त एक बार फिर आ गया है. संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है और यह 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा. बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ इस सत्र की शुरुआत हुई, जिसके बाद अब सभी की निगाहें आर्थिक सर्वेक्षण और फिर आम बजट पर टिकी हुई हैं. इस बार बजट सत्र कई मायनों में खास है, क्योंकि इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी. यह मौका उनके लिए भी ऐतिहासिक होगा, क्योंकि अब तक किसी भी वित्त मंत्री ने लगातार इतने बजट पेश नहीं किए हैं. रविवार को बजट पेश होने की वजह से बाजार, उद्योग और आम लोगों में इसे लेकर खास उत्सुकता बनी हुई है. माना जा रहा है कि इस बजट में सरकार विकास, रोजगार और महंगाई पर खास फोकस कर सकती है.

बजट से पहले आएगा इकोनॉमिक सर्वे 2026

बजट से पहले सरकार देश की आर्थिक सेहत का लेखा-जोखा पेश करती है, जिसे इकोनॉमिक सर्वे कहा जाता है. इस साल आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाएगा. आमतौर पर यह बजट से ठीक एक दिन पहले आता है, लेकिन इस बार इसे थोड़ा पहले लाया जा रहा है. भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) संसद के दोनों सदनों में इसे पेश करेंगे.

क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे

इकोनॉमिक सर्वे सरकार की एक आधिकारिक और बेहद अहम रिपोर्ट होती है. इसमें देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, बीते साल का प्रदर्शन, प्रमुख चुनौतियां और आने वाले समय की संभावनाओं का विस्तार से विश्लेषण किया जाता है. इस रिपोर्ट में GDP ग्रोथ, महंगाई, रोजगार, निर्यात-आयात, राजकोषीय घाटा, बैंकिंग सेक्टर और अलग-अलग क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र की स्थिति का पूरा ब्योरा होता है. इसे वित्त मंत्रालय की टीम तैयार करती है और यह बजट की नींव मानी जाती है.

बजट से पहले क्यों जरूरी होता है इकोनॉमिक सर्वे

इकोनॉमिक सर्वे दरअसल बजट का रोडमैप तय करता है. सरकार इसी रिपोर्ट के आधार पर यह समझ पाती है कि देश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है और किन क्षेत्रों में सुधार या निवेश की जरूरत है. मौजूदा वित्त वर्ष की आर्थिक तस्वीर और आने वाले साल की प्राथमिकताएं इसी दस्तावेज से साफ होती हैं. इसलिए बजट से पहले इसका आना बेहद अहम माना जाता है.

राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हुआ बजट सत्र

28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के संयुक्त सत्र को संबोधन के साथ बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि यह सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा. इस दौरान बजट प्रस्तावों, आर्थिक नीतियों और विभिन्न विधेयकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

कहां और कैसे देख सकते हैं इकोनॉमिक सर्वे

आम लोग इकोनॉमिक सर्वे का सीधा प्रसारण सरकार के Sansad TV और दूरदर्शन चैनलों पर देख सकते हैं. इसके अलावा Union Budget की आधिकारिक वेबसाइट, वित्त मंत्रालय और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इससे जुड़ी हर अपडेट मिलेगी. जो लोग विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, वे PIB की आधिकारिक वेबसाइट से इसकी पीडीएफ भी डाउनलोड कर सकते हैं.

कुल मिलाकर, बजट सत्र 2026 सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि देश की आने वाली आर्थिक दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव है. इकोनॉमिक सर्वे और बजट के जरिए सरकार यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि आने वाले सालों में भारत की अर्थव्यवस्था किस राह पर आगे बढ़ेगी.

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