UP चुनाव से पहले BSP में बड़ा फेरबदल, मायावती ने भतीजे ईशान आनंद को सौंपी राष्ट्रीय संयोजक की कमान

UP चुनाव 2027 से पहले BSP में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है. मायावती ने अपने भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे पार्टी के संगठन में उनकी भूमिका और अहम हो गई है.

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BSP National Coordinator: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है. BSP प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है. लखनऊ में 23 सितंबर को हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में ईशान की नई जिम्मेदारी पर मुहर लगी. यह फैसला ऐसे समय हुआ है, जब पार्टी चुनावी तैयारियों के साथ संगठन को नए सिरे से मजबूत करने पर जोर दे रही है.

आकाश के बाद ईशान को मिली बड़ी जिम्मेदारी

ईशान आनंद को मिली यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ही समय पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद को BSP के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया गया था. 3 सितंबर को मायावती ने आकाश को इस पद से हटाते हुए कहा था कि उन्हें बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी देने से पहले अभी और परिपक्व होने की जरूरत है. इसके बाद 10 सितंबर को मायावती ने आकाश को पार्टी से भी पूरी तरह अलग कर दिया था.

आकाश को हटाए जाने के बाद ईशान आनंद की भूमिका लगातार चर्चा में रही. सितंबर की शुरुआत में उन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर दूसरे राज्यों के लिए मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई थी. बाद में मायावती ने कहा कि परिवार से केवल ईशान को पार्टी में जिम्मेदारी दी जाएगी. अब राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के साथ संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है.

कुछ दिन पहले मायावती ने बदला था फैसला

ईशान आनंद की राजनीतिक भूमिका को लेकर पिछले कुछ हफ्तों में BSP के भीतर कई बदलाव देखने को मिले. 13 सितंबर को मायावती ने कहा था कि उनके भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों आकाश और ईशान को पार्टी में कोई पद नहीं दिया जाएगा. हालांकि 20 सितंबर को उन्होंने अपना रुख बदलते हुए कहा कि परिवार से केवल ईशान को पार्टी में जिम्मेदारी दी जाएगी. इसके बाद 23 सितंबर की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाने का फैसला किया गया. इस तरह कुछ ही दिनों के भीतर उनकी संगठनात्मक भूमिका में बड़ा बदलाव हुआ है.

आकाश आनंद को क्यों हटाया गया था?

आकाश आनंद को 3 सितंबर को राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाने के बाद मायावती ने कहा था कि उन्हें अभी राजनीतिक तौर पर और परिपक्व होने की जरूरत है. इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें BSP से भी पूरी तरह अलग कर दिया गया. मायावती ने इस फैसले को लेकर आकाश के ससुर और पूर्व BSP नेता अशोक सिद्धार्थ का भी जिक्र किया था. मायावती ने कहा था कि अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए कहने के बाद आकाश ने उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा नहीं किया. मायावती ने इसे पार्टी के प्रति आकाश के रुख से जोड़ा था. इसके बाद उन्होंने आकाश को पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान किया.

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