Pakistani Grooming Gangs: ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स और बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने संसद में दिए अपने हालिया भाषण में पीड़ितों की गवाहियों का हवाला देते हुए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उनके भाषण के बाद पूरे देश में इस विषय पर नई चर्चा शुरू हो गई है.
संसद में सुनाई गईं पीड़ितों की दर्दनाक कहानियां
रूपर्ट लो ने अपने संबोधन में कई पीड़ितों के बयान पढ़कर सुनाए. इन गवाहियों में कथित यौन शोषण, कम उम्र में गर्भधारण, धमकी, मानसिक उत्पीड़न और संस्थागत विफलताओं के आरोप शामिल थे. उन्होंने कहा कि कई पीड़ितों ने वर्षों तक न्याय पाने के लिए संघर्ष किया.
कुछ पीड़ितों ने दावा किया कि उनके साथ लंबे समय तक गंभीर शोषण हुआ और उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली. भाषण में कई ऐसे आरोपों का भी उल्लेख किया गया जिनकी जांच और कानूनी कार्रवाई अलग-अलग मामलों में की गई है.
I want the world to hear what we heard. pic.twitter.com/2DtCS0QztE
— Rupert Lowe MP (@RupertLowe10) June 1, 2026
संगठित नेटवर्क पर उठे सवाल
यूके में ग्रूमिंग गैंग्स से जुड़े मामलों को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है. रूपर्ट लो ने अपने भाषण में कहा कि कुछ मामलों में संगठित गिरोहों द्वारा नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाए जाने के आरोप सामने आए हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि कई पीड़ितों ने सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चूक की शिकायत की है.
नस्ल और पहचान को लेकर भी सामने आए आरोप
कुछ पीड़ितों के बयानों का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि कथित अपराधियों द्वारा नस्ल और धार्मिक पहचान से जुड़ी टिप्पणियां किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं. कई पीड़ितों ने दावा किया कि उन्हें उनकी पृष्ठभूमि के आधार पर निशाना बनाया गया.
निजी जांच में कई क्षेत्रों की पहचान
रूपर्ट लो के अनुसार, पिछले वर्ष कराई गई एक निजी जांच में ब्रिटेन के कम से कम 85 क्षेत्रों में गिरोह आधारित बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की पहचान की गई थी. जांच में यह आरोप लगाया गया कि कुछ नेटवर्क कई वर्षों तक सक्रिय रहे और कई मामलों में पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई.
रॉदरहैम से शुरू हुई थी बड़ी बहस
ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स का मुद्दा सबसे पहले व्यापक रूप से तब सामने आया जब रॉदरहैम में नाबालिगों के यौन शोषण के मामलों ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा. बाद में Rऑचडेल, ऑक्सफ़ोर्ड, टेलफ़ोर्ड और ब्रिस्टल समेत कई अन्य शहरों में भी ऐसे मामलों की जांच हुई.
रिपोर्टों के अनुसार, 1997 से 2013 के बीच बड़ी संख्या में बच्चों के शोषण से जुड़े मामले सामने आए थे. इनमें अपहरण, यौन उत्पीड़न और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप शामिल थे.
बच्चों के खिलाफ अपराधों पर चिंता
ब्रिटेन में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है. इस मुद्दे से निपटने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियां और विशेष टास्कफोर्स काम कर रही हैं. ग्रूमिंग गैंग्स से जुड़े मामलों की जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गई है.
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