Bihar Defence Corridor: बिहार सरकार राज्य के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने के लिए दो बेहद अहम और दूरगामी परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू करने जा रही है. एक तरफ राजधानी पटना को टेक्नोलॉजी और फाइनेंस के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, तो दूसरी ओर बिहार को रक्षा उत्पादन के नक्शे पर मजबूत जगह दिलाने की तैयारी की जा रही है. सरकार का मानना है कि इन दोनों प्रोजेक्ट्स से निवेश का माहौल बनेगा और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
नई सरकार के गठन के साथ ही पटना को टेक्नोलॉजी हब बनाने की कवायद तेज हो गई है. गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर अब पटना जिले के फतुहा अंचल में एक आधुनिक फिनटेक सिटी विकसित की जाएगी. इसके लिए जैतिया मौजा में करीब 242 एकड़ भूमि को चिन्हित किया गया है.
सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए 408.81 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दे दी है और जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. यह प्रोजेक्ट राजधानी पटना के औद्योगिक और आर्थिक स्वरूप को पूरी तरह बदलने वाला माना जा रहा है.
टेक्नोलॉजी और फाइनेंस कंपनियों का होगा केंद्र
प्रस्तावित फिनटेक सिटी को एक बड़े इंडस्ट्रियल कैंपस के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां आईटी कंपनियों, बैंकिंग और फाइनेंस संस्थानों, फिनटेक स्टार्टअप्स, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और इनोवेशन हब को एक ही परिसर में जगह दी जाएगी.
सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में बैंकिंग, बीमा, वित्तीय सेवाओं और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों को आकर्षित किया जाए. इससे न केवल निजी निवेश बढ़ेगा, बल्कि हजारों-लाखों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. इस परियोजना के जरिए पटना को पूर्वी भारत के एक बड़े टेक्नोलॉजी और फाइनेंस हब के रूप में स्थापित करने की योजना है.
डिफेंस कॉरिडोर से बदलेगी बिहार की औद्योगिक पहचान
राज्य की दूसरी बड़ी और रणनीतिक पहल रक्षा क्षेत्र से जुड़ी है. केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद बिहार में डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. यह कॉरिडोर रक्षा उत्पादन, हथियार निर्माण और अत्याधुनिक सैन्य तकनीक पर केंद्रित होगा.
पहले चरण में मुंगेर, कैमूर, बांका, जमुई और अरवल जिलों में ऑर्डिनेंस कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इसके अलावा भागलपुर, मुजफ्फरपुर, शेखपुरा और सारण को भी संभावित स्थानों के रूप में चिन्हित किया गया है.
अत्याधुनिक हथियारों का होगा निर्माण
डिफेंस कॉरिडोर के तहत स्थापित होने वाली प्रत्येक फैक्ट्री में करीब 1500 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है. इन इकाइयों में आधुनिक हथियारों और सैन्य उपकरणों का निर्माण किया जाएगा.
यहां AK-47 जैसी आधुनिक राइफल, मशीन गन, गोला-बारूद, तोप के गोले, रॉकेट लॉन्चर, ड्रोन और बाय मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम जैसे उपकरण बनाए जाएंगे. खास बात यह है कि बाय मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम फिलहाल देश में केवल नालंदा जिले में ही बनता है, जिसका इस्तेमाल तोपों और भारी हथियारों की मारक क्षमता बढ़ाने में किया जाता है.
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
सरकार का दावा है कि यह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और डिफेंस कॉरिडोर बिहार में औद्योगिक क्रांति का आधार बनेगा. इससे राज्य की रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत होगी और साथ ही करीब एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है.
फिनटेक सिटी और डिफेंस कॉरिडोर, इन दोनों परियोजनाओं को बिहार की आर्थिक दिशा बदलने वाले गेमचेंजर प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है. अगर योजनाएं समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो बिहार निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के मामले में एक नई पहचान बना सकता है.
ये भी पढ़ें- चीन को लेकर बलूचिस्तान से आया एस जयशंकर को पत्र, पाकिस्तानी साजिश का किया खुलासा; जानें पूरा मामला