Bihar Farmer News: बिहार सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 3.96 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की. यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी गई.
प्राकृतिक आपदाओं से हुआ था नुकसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण असमय बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. ऐसे समय में सरकार प्रभावित किसानों की हर संभव मदद कर रही है. उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाने का भी काम करती है.
13 जिलों के किसान हुए थे प्रभावित
मार्च 2026 में आए आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से बिहार के 13 जिलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ था. इन जिलों में सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, खगड़िया, मधुबनी, सुपौल और भागलपुर शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार कई इलाकों में 33 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान हुआ था.
किसानों के लिए 260 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने 200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए. इसके अलावा कृषि विभाग के अनुरोध पर 60.71 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी मंजूर की गई. इस तरह किसानों की सहायता के लिए कुल 260.71 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया.
फसल बीमा योजना से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय यह योजना किसानों के नुकसान की भरपाई में काफी मददगार साबित होती है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं.
गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने गन्ना उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की. उन्होंने राज्य में चीनी उद्योग को मजबूत करने और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विकास की बड़ी संभावनाएं हैं और इसके लिए ठोस योजना बनाकर काम करने की जरूरत है.
बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने रैयाम, सकरी, सासामुसा, मधौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया और मोतिहारी जैसी बंद चीनी मिलों वाले क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां फिर से शुरू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और किसानों को भी सीधा फायदा होगा.
चंपारण को बनाना चाहते हैं गन्ना हब
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चंपारण क्षेत्र को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन केंद्रों में विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा. उन्होंने गन्ना उत्पादन बढ़ाने, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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