PM मोदी से मुलाकात में क्या सीख मिली? भारत 24 के मंच पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया

नई दिल्ली: भारत 24 के कॉन्क्लेव 'Bharat Uday Summit' में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद शामिल हुए. इस दौरान भारत 24 के मंच पर आशीष सूद ने पीएम मोदी को लेकर कई बातें कहीं. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कामों पर विस्तार से बात की.

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नई दिल्ली: भारत 24 के कॉन्क्लेव 'Bharat Uday Summit' में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद शामिल हुए. इस दौरान भारत 24 के मंच पर आशीष सूद ने पीएम मोदी को लेकर कई बातें कहीं. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कामों पर विस्तार से बात की. 

सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन के मौके पर 'सेवा संकल्प अभियान' चल रहा है। दिल्ली में इस अभियान के तहत किस तरह के काम किए जा रहे हैं?

जवाब: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है. दिल्ली में बीजेपी और दिल्ली सरकार की ओर से भी कई तरह के काम किए जा रहे हैं.

2 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक युवाओं की भागीदारी के साथ दिल्ली में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स की पहचान कर उन्हें ठीक किया जा रहा है और सोशल मीडिया के जरिए उनका सोशल ऑडिट भी कराया जा रहा है. युवाओं को इन जगहों से जोड़कर वहां वॉल आर्ट और दूसरे काम भी कराए जा रहे हैं.

इसके अलावा 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज' भी शुरू किया गया है. दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी को फोकल यूनिवर्सिटी बनाया गया है. इसमें स्कूल, कॉलेज, पॉलिटेक्निक और ITI के छात्र अपने आसपास की समस्याओं की पहचान करेंगे और अपनी सोच और तकनीक के जरिए उनका समाधान खोजने की कोशिश करेंगे.

सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाल की मुलाकात में आपने उनसे क्या सीखा?

जवाब: हाल की मुलाकात में प्रधानमंत्री जी ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि को अपने समय की सही प्लानिंग करनी चाहिए और अपने दिन का ज्यादा से ज्यादा समय जनता और उसकी समस्याओं को हल करने में देना चाहिए.

यह बात मुझे बहुत महत्वपूर्ण लगी. जनप्रतिनिधि के पास बहुत लोग मिलने आते हैं, लेकिन सिर्फ उनसे मिलना ही जनता की सेवा नहीं है. लोगों की समस्याओं और उनके सरोकारों के लिए ज्यादा समय देना जरूरी है. प्रधानमंत्री जी की यह बात मुझे हमेशा याद रहती है और मैं इसे अपने काम में लागू करने की कोशिश करता हूं.

सवाल: शपथ लेने के समय आपने जनहित में काम करने का संकल्प लिया था. अब तक ऐसे कौन से काम हैं जिन्हें आप अपनी बड़ी उपलब्धि मानते हैं?

जवाब: हमने अपने संकल्प पत्र में अटल कैंटीन शुरू करने का वादा किया था. आज अटल कैंटीन के जरिए करीब एक लाख लोगों को कम कीमत पर भोजन मिल रहा है.

शिक्षा के क्षेत्र में भी हमने बड़ा काम किया है. पिछले एक साल में 9 हजार से ज्यादा स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं. 10 हजार से ज्यादा कंप्यूटर लगाए गए हैं. 125 से ज्यादा स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी और 125 से ज्यादा स्कूलों में डिजिटल लैंग्वेज और AI लैब पर काम किया गया है. मेरा मानना है कि हमने सही दिशा में काम शुरू कर दिया है और आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

सवाल: सरकारी स्कूलों की शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए आपका रोडमैप क्या है?

जवाब: हमारा लक्ष्य दिल्ली सरकार के सभी करीब 38 हजार क्लासरूम को स्मार्ट क्लासरूम में बदलना है. हर स्कूल में CBSE मानकों के अनुसार कंप्यूटर और ICT लैब हो, लैंग्वेज लैब हो और डिजिटल लाइब्रेरी हो, इस दिशा में काम किया जा रहा है.

इसके अलावा 27 नई स्कूल बिल्डिंग बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है. पहली बार स्कूल प्रमुखों को स्कूल की छोटी लेकिन जरूरी सुविधाओं, जैसे पानी और शौचालय आदि के रखरखाव के लिए अलग फंड देने की व्यवस्था की गई है.

हमें पिछली सरकारों से कई अधूरे काम भी मिले हैं. करीब 700 क्लासरूम से जुड़े काम अधूरे हैं. इन्हें पूरा करना भी हमारी प्राथमिकता है, ताकि करीब 28 हजार बच्चों को हो रहे अवसर के नुकसान को कम किया जा सके.

सवाल: आज सोशल मीडिया बहुत बड़ा माध्यम है. क्या सरकार युवाओं तक पहुंचने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही है?

जवाब: सोशल मीडिया आज के समय की तकनीक है और इसका इस्तेमाल करना जरूरी है. लेकिन मेरा मानना है कि असली असर जमीन पर किए गए काम से आता है. अगर धरातल पर काम होगा तो कार्यकर्ता और समर्थक भी जनता के बीच जाकर उसके बारे में बताएंगे. सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए किसी काम का असर लंबे समय तक नहीं रहता. जनता आखिरकार यह देखती है कि जमीन पर क्या काम हुआ है.

सवाल: छात्रों के हॉस्टल और PG से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार क्या कर रही है?

जवाब:  हमारी कमेटी 60 दिनों के अंदर PG और कोचिंग संस्थानों को रेगुलेट करने के लिए नियम बनाने की दिशा में काम कर रही है. राजेंद्र नगर की दुखद घटना के बाद जस्टिस गोआबा कमेटी बनी थी. 

उसकी सिफारिशों को लागू करने पर भी हमारी सरकार काम कर रही है. हमने छात्रों से बात की है और PG संचालकों से भी चर्चा की है. आगे दूसरे स्टेकहोल्डर्स से भी बातचीत की जाएगी. हमारा प्रयास है कि इस पूरी व्यवस्था को टाइम-बाउंड तरीके से बेहतर किया जाए.

सवाल: दिल्ली में अवैध हॉस्टल और PG को लेकर सरकार की क्या योजना है?

जवाब: मैं अभी इसे सिर्फ अवैध या वैध के नजरिए से नहीं देखना चाहता. दुनिया में सामान्य तौर पर यूनिवर्सिटी अपने 11 से 15 फीसदी छात्रों को रेजिडेंशियल सुविधा देती हैं. दिल्ली में अभी करीब 4 से 5 फीसदी छात्रों को ही यह सुविधा मिल पाती है.

हमारा लक्ष्य है कि रेजिडेंशियल अकोमोडेशन को करीब 20 फीसदी तक बढ़ाया जाए. इसके साथ ही PG और हॉस्टल के लिए एक यूनिफॉर्म पॉलिसी बनाई जाए, जिसमें बिल्डिंग की सुरक्षा, सुविधाओं और दूसरे मानकों को तय किया जाए.  हम इस मुद्दे पर अलग-अलग सुझावों पर भी विचार कर रहे हैं.

सवाल: प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर अभिभावकों में चिंता रहती है. इस बार सरकार क्या करेगी?

जवाब: दिल्ली सरकार ने फीस को लेकर कानून बनाया है. इस कानून को स्कूलों ने कोर्ट में चुनौती दी है और कोर्ट ने फिलहाल फीस बढ़ाने पर रोक लगाई हुई है.

हमने कानून बनाने की जिम्मेदारी निभाई है. जो स्कूल कानून का पालन करेगा, वह स्कूल चलाएगा और जो कानून नहीं मानेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. हमारा कानून लागू है और हम इसके जरिए अभिभावकों के हितों की रक्षा करना चाहते हैं.

सवाल: दिल्ली में प्रदूषण को लेकर इस बार सरकार की क्या तैयारी है?

जवाब: प्रदूषण रोकने के लिए कई स्तर पर काम किया जा रहा है. दिल्ली में स्प्रिंकलर लगाए गए हैं. EV पॉलिसी को मजबूत किया गया है और EV चार्जिंग के लिए भी बड़े स्तर पर काम हो रहा है.

मैकेनिकल रोड स्वीपर्स और डस्ट मिटिगेशन के लिए भी व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा पर्यावरण विभाग की ओर से हैकाथॉन कराया गया, जिसमें युवाओं ने प्रदूषण कम करने के लिए अपने आइडिया दिए. इन आइडिया को जमीन पर लागू करने की कोशिश की जा रही है. सार्वजनिक परिवहन में भी दिल्ली के पास देश के सबसे बड़े EV फ्लीट में से एक है. प्रदूषण कम करने के लिए इन सभी उपायों पर लगातार काम हो रहा है.

सवाल: सोलर पैनल को लेकर दिल्ली सरकार की क्या योजना है?

जवाब: दिल्ली को सिर्फ राजनीतिक राजधानी ही नहीं, बल्कि सोलर कैपिटल बनाने का लक्ष्य है. करीब 2200 सोलर पैनल लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

3 किलोवाट तक के लोड वाले घरों के लिए सोलर पैनल लगाने पर सरकार की ओर से सब्सिडी और सहायता दी जा रही है. लोगों को इसके लिए पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा. हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग सोलर एनर्जी अपनाएं और दिल्ली ऊर्जा के इस क्षेत्र में भी आगे बढ़े.

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