भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने Apple डिवाइस के यूजर्स के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है. एजेंसी ने कहा कि iPhone, iPad, Mac और Apple Watch जैसे उपकरणों में सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा हैकर्स उठा सकते हैं. इन खामियों के जरिए यूजर्स का संवेदनशील डेटा चोरी हो सकता है और डिवाइस की सुरक्षा में सेंध लग सकती है.
सरकार ने जारी किया अलर्ट
CERT-In, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करती है, ने इन कमजोरियों को उच्च स्तर की सुरक्षा समस्या (High Severity) बताया है. एजेंसी ने साफ तौर पर कहा है कि Apple के ऑपरेटिंग सिस्टम में कई खामियां हैं, जिनका फायदा उठाकर हमलावर आपके डिवाइस में अपनी मर्जी का कोड चला सकते हैं. इसके साथ ही, वह सिस्टम की सुरक्षा लेयर को पार कर सकते हैं और डिवाइस पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा, डेटा लीक और सर्विस डिसरप्शन (DoS अटैक) जैसे खतरों की संभावना भी जताई गई है, जिनका असर आम यूजर्स के साथ-साथ कंपनियों पर भी पड़ सकता है.
खामियां क्यों हैं खतरनाक?
CERT-In के अनुसार, ये खामियां Apple के सॉफ़्टवेयर सिस्टम के विभिन्न हिस्सों में मौजूद कमजोरियों के कारण उत्पन्न हुई हैं. इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हैकर्स सिस्टम के फंक्शन को बदल सकते हैं, या पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों को दरकिनार कर सकते हैं. एजेंसी ने इन खामियों का उल्लेख करते हुए बताया कि कई CVE (Common Vulnerabilities and Exposures) के कारण एक साथ कई जगहों से अटैक किया जा सकता है. इससे रिमोट कोड चलाना, एडमिन एक्सेस पाना, और व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच बनाना आसान हो सकता है.
कौन से डिवाइस पर है असर?
यह सुरक्षा खतरा Apple के कई डिवाइसों और पुराने सॉफ़्टवेयर वर्जन पर ज्यादा नजर आ रहा है. विशेष रूप से वे डिवाइस जो पुराने iOS, iPadOS, macOS, Safari, और watchOS वर्जन पर चल रहे हैं, उनके लिए यह खतरा अधिक है. इसमें iPhone, iPad, Mac, Apple Watch और अन्य Apple इकोसिस्टम प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं. इसलिए, जो यूजर्स पुराने सॉफ़्टवेयर वर्जन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है.
क्या करें, कैसे बचें?
CERT-In ने यूजर्स को तुरंत अपने Apple डिवाइस के सॉफ़्टवेयर को अपडेट करने की सलाह दी है. लेटेस्ट सॉफ़्टवेयर अपडेट्स में इन सुरक्षा खामियों को ठीक किया गया है, इसलिए इसे जल्द से जल्द इंस्टॉल करना बेहद जरूरी है. इसके अलावा, CERT-In ने यह भी सुझाव दिया है कि यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए, संदिग्ध फाइलें डाउनलोड न करनी चाहिए, और ऐप्स को हमेशा आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करना चाहिए.
साथ ही, अपने महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप रखना भी बहुत जरूरी है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके. एजेंसी ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अगर इन खामियों को समय रहते ठीक नहीं किया गया, तो इससे डेटा चोरी, मैलवेयर अटैक, सिस्टम क्रैश और बिना अनुमति एक्सेस जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं.
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