गूगल ने जून 2025 में एंड्रॉयड 16 अपडेट के साथ अपने स्मार्टफोन और टैबलेट यूजर्स के लिए एक बड़ा सुरक्षा फीचर पेश किया – एडवांस प्रोटेक्शन. यह फीचर यूजर्स को खतरनाक वेबसाइट्स, स्कैम कॉल और साइबर अटैक्स से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. गूगल ने इसे अपने एडवांस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के हिस्से के रूप में पेश किया, ताकि डिजिटल फ्रॉड और अनवांटेड एक्टिविटी से डिवाइस पूरी तरह सुरक्षित रहे.
एडवांस प्रोटेक्शन कैसे काम करता है?
एडवांस प्रोटेक्शन स्मार्टफोन में एक सिंगल कंट्रोल पॉइंट की तरह काम करता है. यह गूगल क्रोम, मैसेज और फोन जैसे एप्स में काम करता है और संदिग्ध गतिविधियों को ऑटोमैटिक पहचानकर ब्लॉक कर देता है. यह फीचर खतरनाक वेबसाइट्स की पहचान करने के साथ-साथ यूजर्स को हार्मफुल लिंक के बारे में अलर्ट भी भेजता है. इसके अलावा, यह संदिग्ध इनकमिंग कॉल और स्पैम मैसेज को ब्लॉक कर सकता है, जिससे आपको डिजिटल फ्रॉड और फिशिंग स्कैम से बचाया जा सके.
सुरक्षा के अतिरिक्त लाभ
एडवांस प्रोटेक्शन चालू होने पर आपका फोन 2G नेटवर्क से कनेक्ट नहीं होगा, क्योंकि इसे कम सुरक्षित माना गया है. इसके अलावा, गूगल मैसेज में यह फीचर स्पैम और स्कैम मैसेज की पहचान करके उन्हें रोकने में मदद करता है. इसका उद्देश्य केवल डिवाइस को सुरक्षित रखना नहीं, बल्कि यूजर्स के व्यक्तिगत डेटा और प्राइवेसी को भी सुनिश्चित करना है.
यूजर्स को मिलती है कंट्रोल की सुविधा
गूगल अपने यूजर्स को यह सुविधा भी देता है कि वे एडवांस प्रोटेक्शन को इनेबल या डिसेबल कर सकते हैं. इसका मतलब है कि आप अपने डिवाइस पर पूरी तरह कंट्रोल रख सकते हैं और अपने डिजिटल स्पेस को अपने अनुसार सुरक्षित बना सकते हैं.
एंड्रॉयड 16 के साथ सुरक्षित डिजिटल अनुभव
एडवांस प्रोटेक्शन के साथ एंड्रॉयड 16 अपडेट सिर्फ एक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं है, बल्कि यह यूजर्स को एक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल अनुभव प्रदान करता है. यह फीचर हर स्मार्टफोन यूजर के लिए जरूरी सुरक्षा कवच साबित हो सकता है.
अपने एंड्रॉयड फोन पर एडवांस प्रोटेक्शन कैसे इनेबल करें?
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