फ्लाईदुबई में कैप्टन पर हमला करने वाला कौन? सामने आया ओमानी को-पायलट का पूरा सच, विवादित रहा है इतिहास

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आ गई है. अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमानी को-पायलट का नाम हमाम अल-हम्मामी है.

Al Hammami Omani co-pilot attacked Captain Smit Machchhar Flydubai flight
Image Source: Social Media

Flydubai Incident: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आ गई है. अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमानी को-पायलट का नाम हमाम अल-हम्मामी है. उस पर तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हमला करने और विमान को खतरे में डालने का आरोप है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम को पहले भी सुरक्षा से जुड़े कारणों से ओमान में उड़ान भरने से रोका गया था. अमेरिकी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिली थी और उसके विचारों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने चिंता जताई थी. इसके बावजूद बाद में उसने दूसरी एयरलाइनों में काम किया और करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा था.

पहले भी सुरक्षा को लेकर उठे थे सवाल

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमाम अल-हम्मामी पहले ओमान एयर से जुड़ा था. 2024 में उसे उड़ान से हटाए जाने और सुरक्षा को लेकर चिंता जताए जाने की बात सामने आई है. बाद में उसने रॉयल एयर मैरोक के साथ भी प्रशिक्षण लिया था. रॉयल एयर मैरोक ने बताया कि उसने वहां करीब तीन महीने की थ्योरी ट्रेनिंग की थी और उसके साथ नियमित उड़ान नहीं भरी थी.

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान उसके कथित कट्टरपंथी विचारों और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सवाल उठे थे. हालांकि, उसके पुराने रिकॉर्ड और इन दावों की पूरी जानकारी अभी जांच का हिस्सा है. UAE में मामले की जांच चल रही है और यह भी देखा जा रहा है कि पहले की सुरक्षा चिंताओं के बावजूद वह फ्लाईदुबई तक कैसे पहुंचा.

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उड़ान के दौरान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर कथित तौर पर हमला कर दिया. इस दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा और स्थिति बेहद गंभीर हो गई. अलग-अलग रिपोर्टों में हमले के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर अलग विवरण सामने आए हैं, इसलिए इस हिस्से की पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे. इसके बाद कुछ यात्री और क्रू सदस्य कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की. विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. बाद में यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से इजराइल भेजा गया.

कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की हो रही तारीफ

घटना के बाद कैप्टन स्मित मछार की भूमिका की काफी चर्चा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके परिवार से बात की और कैप्टन का हाल भी जाना. मछार ने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान फ्लाइट में हुई घटना के बारे में अपना अनुभव साझा किया.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मछार के साहस की तारीफ की. उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिससे विमान में मौजूद लोगों को मदद करने का मौका मिला.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन मछार की तारीफ करते हुए उन्हें हीरो बताया है. इस घटना की जांच में अब हमाम अल-हम्मामी की पिछली गतिविधियों, उसकी नियुक्ति और सुरक्षा जांच से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है.