नई दिल्ली, भारत24 डिजिटल डेस्क: पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा में आने वाले ड्रोन का जल्द ही खेल खत्म होने वाला है. खासकर जम्मू-कश्मीर व पंजाब में ड्रोन के मार्फत हथियारों और ड्रग्स की तस्करी की समस्या से अगले छह महीने में पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए तीन तरह के एंटी ड्रोन तकनीक (Anti Drone Technology) विकसित कर ली है. जिनका ट्रायल अंतिम चरण पर है. इनमें से एक या दो तकनीकों को बॉर्डर के हर हिस्से पर लगाया जाएगा.
भारतीय सीमा में नहीं घुस पाएंगे पाकिस्तानी ड्रोन
ये स्वदेशी तीनों एंटी ड्रोन तकनीक किसी भी तरह के ड्रोन को रोकने में सक्षम हैं. इन्हें एक साथ या फिर अलग-अलग पाकिस्तान से सटी पूरी सीमा पर तैनात किया जाएगा. एंटी ड्रोन तकनीक को जमीन पर उतरने में महज 180 दिन लगेंगे. यानी 6 महीने के अंदर पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की एंट्री बंद हो जाएगी. फिर चाहें पाकिस्तान के ड्रोन कितनी भी ऊंचाई पर क्यों न हों, वे भारतीय सीमा पर नहीं घुस पाएंगे. इसकी खास बात ये हैं कि बॉर्डर गार्ड फोर्स को गोली नहीं चलानी पड़ेगी और ये तकनीक सिस्टम ड्रोन को वहीं पर जाम कर देगा.
100 पाकिस्तानी ड्रोन को बॉर्डर पर मार गिराया
बता दें कि पाकिस्तानी की ओर से आए दिन पंजाब में ड्रोन भेजे जा रहे हैं. जम्मू कश्मीर और राजस्थान में भी ऐसे कई मामले सामने आए चुके हैं. इन ड्रोन के जरिए हथियार, कारतूस और ड्रग्स के पैकेट गिराए जाते हैं. ड्रग्स को लेकर पंजाब सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय की रणनीति के मुताबिक काम कर रही है. पिछले साल 2023 में बीएसएफ ने लगभग 100 पाकिस्तानी ड्रोन को बॉर्डर पर मार गिराया था. पंजाब में बीएसएफ, एनसीबी और पुलिस ये तीनों पूर्ण समन्वय के साथ आगे बढ़ रहे हैं.