IIP के आंकड़ों ने दी खुशखबरी, अगस्त में 8% बढ़ा इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन; ऑटो सेक्टर का दमदार प्रदर्शन

देश के औद्योगिक क्षेत्र से अगस्त महीने में मजबूत आंकड़े सामने आए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी IIP में सालाना आधार पर 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

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देश के औद्योगिक क्षेत्र से अगस्त महीने में मजबूत आंकड़े सामने आए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी IIP में सालाना आधार पर 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. जुलाई में 7.4 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले यह आंकड़ा बेहतर रहा. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन के साथ बिजली और गैस आपूर्ति में तेज वृद्धि ने औद्योगिक उत्पादन को गति देने में अहम भूमिका निभाई. यह नई सीरीज के तहत जारी IIP का पांचवां मासिक आंकड़ा है.

मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र का रहा बड़ा योगदान

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन 9 फीसदी बढ़ा, जबकि बिजली और गैस आपूर्ति में 12.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. दूसरी ओर माइनिंग सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहा और इसमें 5.6 फीसदी की गिरावट आई. अगस्त 2025 में IIP की वृद्धि 4.7 फीसदी रही थी. वहीं जुलाई 2026 के आंकड़े को पहले जारी किए गए 6.7 फीसदी के अस्थायी अनुमान से संशोधित कर 7.4 फीसदी किया गया है. चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-अगस्त दौरान IIP वृद्धि 6.7 फीसदी रही, जो पिछले साल की समान अवधि के 4.2 फीसदी से अधिक है.

ऑटो और इलेक्ट्रिकल उपकरणों के उत्पादन में तेज उछाल

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के 23 उद्योग समूहों में से 18 ने अगस्त में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की. वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर निर्माण में 25.2 फीसदी, विद्युत उपकरणों के निर्माण में 30.9 फीसदी और अन्य परिवहन उपकरणों में 25.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. ऑटो सेक्टर में वाहन कलपुर्जों, यात्री कारों और कमर्शियल वाहनों ने उत्पादन बढ़ाने में योगदान दिया. वहीं इलेक्ट्रिकल उपकरणों में स्विचगियर, सर्किट ब्रेकर, स्विच, कंट्रोल एवं मीटर पैनल, ऑप्टिकल फाइबर और केबल कनेक्टर समेत UPS और सॉलिड-स्टेट ड्राइव जैसे उत्पादों का प्रदर्शन बेहतर रहा.

अलग-अलग कैटेगरी में भी दिखी मजबूती

यूज-बेस्ड क्लासिफिकेशन के तहत अगस्त में प्राइमरी गुड्स में 3.5 फीसदी, कैपिटल गुड्स में 16.9 फीसदी और इंटरमीडिएट गुड्स में 13.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स में 6.4 फीसदी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 11.1 फीसदी और नॉन-कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इस दौरान प्राइमरी प्रोडक्ट्स का इंडेक्स 111.8, कैपिटल गुड्स का 140.7 और इंटरमीडिएट गुड्स का 131.8 रहा.

अप्रैल-अगस्त में IIP वृद्धि 6.7 फीसदी

चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार पिछले साल की तुलना में बेहतर रही है. अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच IIP में 6.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 4.2 फीसदी थी. अगस्त के आंकड़ों में मध्यवर्ती वस्तुओं, पूंजीगत वस्तुओं और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं की मजबूत वृद्धि का अहम योगदान रहा. हालांकि, माइनिंग सेक्टर में आई गिरावट औद्योगिक प्रदर्शन का एक कमजोर पक्ष बनी रही.

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