गोरखपुर में दुर्गा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा, हाईटेंशन तार की चपेट में आए 11 लोग, तीन की मौत

गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब जुलूस के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई. हादसा गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में बुधवार शाम हुआ.

Gorakhpur Durga Idol Immersion Accident Kills Three People
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गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब जुलूस के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई. हादसा गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में बुधवार शाम हुआ. डीजे पर लगी लोहे की रेलिंग बिजली के तार से छू गई, जिससे करंट फैल गया और चार महिलाओं समेत 11 लोग झुलस गए. मृतकों में दो सगे भाई भी शामिल हैं. घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है.

डीजे की रेलिंग हाईटेंशन तार से टकराई

जानकारी के मुताबिक, जंगल अयोध्या प्रसाद के चौहान टोला में स्थापित दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए बुधवार शाम करीब पांच बजे ग्रामीण जुलूस लेकर कोलुहा घाट की ओर निकले थे. जुलूस जब रजही चौराहे पर रामानंद के दरवाजे के पास पहुंचा, तभी डीजे के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई. इसके बाद डीजे और प्रतिमा के आसपास मौजूद लोगों को करंट लग गया. अचानक हुए हादसे से मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए और आसपास के लोग घायलों की मदद के लिए दौड़े.

दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौत

करंट से झुलसे सभी लोगों को तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया. वहां डॉक्टरों ने चंदन पुत्र केदारनाथ और शिव चौहान के पुत्र विक्की व लक्की को मृत घोषित कर दिया. विक्की और लक्की दोनों सगे भाई बताए जा रहे हैं. हादसे में पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु के घायल होने की जानकारी सामने आई है. सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. हादसे की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद बिजली चालू रही. ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते बिजली काट दी गई होती, तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था. इसी को लेकर आक्रोशित लोगों ने शाम करीब छह बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया. इससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई.

मौके पर पहुंचे डीएम और एसएसपी 

घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे. अधिकारियों ने घायलों के उपचार की स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया. प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन बिजली विभाग की जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर वे अड़े रहे. देर शाम तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति संभालने में जुटे रहे और इलाके में तनाव बना रहा.

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