मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे हिस्से को हटाने की कार्रवाई सोमवार को तनाव में बदल गई. मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और विरोध के दौरान पुलिस के साथ झड़प तथा पथराव की स्थिति बन गई. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. यह कार्रवाई सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी बताई जा रही है.
7 लोगों पर FIR, हिरासत में 15 लोग
घटना के बाद पुलिस ने उपद्रव और पथराव से जुड़े लोगों की पहचान शुरू कर दी है. उज्जैन पुलिस के मुताबिक अब तक 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, CCTV और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि तनाव बढ़ाने में किन लोगों की भूमिका रही.
सोशल मीडिया कंटेंट पर भी पुलिस की नजर
पुलिस की कार्रवाई का एक फोकस सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए कथित भड़काऊ कंटेंट पर भी है. रिपोर्टों के मुताबिक FIR में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के नाम भी शामिल हैं और पुलिस ऐसे पोस्ट तथा वीडियो की जांच कर रही है, जिनके जरिए तनाव बढ़ने का आरोप है. कुछ रिपोर्टों में AI की मदद से तैयार किए गए मस्जिद से जुड़े वीडियो का भी उल्लेख किया गया है, हालांकि ऐसे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से नहीं हुई है.
शहर काजी की अपील के बीच बढ़ा विवाद
विवाद के दौरान मुस्लिम समाज के भीतर भी कार्रवाई को लेकर अलग-अलग रुख सामने आए. रिपोर्टों के अनुसार शहर काजी ने लोगों से शांति बनाए रखने और मौके से दूर रहने की अपील की थी, जबकि विरोध कर रहे एक समूह ने कार्रवाई का विरोध किया. पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर स्थिति संभालने की कोशिश की है. प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण की योजना सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर चल रहे व्यापक बुनियादी ढांचे के काम का हिस्सा है.
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