पाकिस्तान की परेशानियां लगातार बढ़ती दिख रही हैं. एक ओर अफगानिस्तान के साथ सीमा पर गोलीबारी और तनाव जारी है, वहीं दूसरी ओर ईरान से लगी सीमा को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. इससे दोनों देशों के बीच कारोबार प्रभावित हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2,000 ट्रक सीमा के दोनों ओर फंसे हुए हैं. हालांकि, बलूचिस्तान सरकार का कहना है कि सुरक्षा मजबूत करने, तस्करी रोकने और सीमा व्यवस्था सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है. सरकार को उम्मीद है कि अधिकारियों के बीच बातचीत से जल्द रास्ता खुल सकता है.
ईरान बॉर्डर बंद होने से व्यापारियों की बढ़ी परेशानी
बलूचिस्तान सरकार ने रविवार को पाकिस्तान-ईरान सीमा बंद होने को लेकर फैल रही खबरों पर सफाई दी. मुख्यमंत्री के सलाहकार शाहिद रिंद ने कहा कि सीमा को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने और तस्करी पर रोक लगाने के लिए लिया गया है.
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और ईरान के अधिकारी सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं. उनके मुताबिक, बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है और जल्द सीमा खुलने की उम्मीद है. दोनों देश सीमा पर तालमेल बेहतर करने की व्यवस्था भी तैयार कर रहे हैं, ताकि तस्करी और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर काबू पाया जा सके.
2,000 ट्रक फंसे, नए ऑर्डर रोकने की सलाह
सीमा बंद होने से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. क्वेटा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुसार, पाकिस्तान और ईरान के बीच सामान लेकर आने-जाने वाले करीब 2,000 ट्रक फंसे हुए हैं. इससे कारोबारियों को नुकसान होने की आशंका है.
सीमा खुलने को लेकर स्थिति साफ नहीं होने के कारण ईरान के साथ व्यापार करने वाले कारोबारियों को नई खरीदारी रोकने की सलाह दी गई है. वहीं, वाणिज्य मंत्रालय ने भी ईरान से आने वाले सामान की नई बुकिंग अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में व्यापारियों को अब सीमा खुलने का इंतजार है.
अफगानिस्तान बॉर्डर पर भी गोलीबारी
ईरान के साथ सीमा बंद होने के बीच पाकिस्तान का अफगानिस्तान के साथ तनाव भी बढ़ रहा है. खैबर पख्तूनख्वा में दोनों देशों की सीमा पर गोलीबारी की खबर सामने आई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अफगान सुरक्षा बलों की ओर से हुई गोलीबारी के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने कार्रवाई की. सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की ओर मौजूद कई संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया. इस कार्रवाई में अफगान सुरक्षा बलों के कई जवानों के मारे जाने की खबर भी है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.