Sanjay Gupta Passes Away: बॉलीवुड से एक दुखद खबर सामने आई है. 'कांटे', 'शूटआउट एट लोखंडवाला' और 'काबिल' जैसी फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाने वाले फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन हो गया है. 31 अक्टूबर को सामने आई खबर के मुताबिक, उन्होंने 30 अक्टूबर को आखिरी सांस ली. उनके अचानक चले जाने से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है. फिल्मकार अशोक पंडित ने भी सोशल मीडिया पर उनके निधन की पुष्टि करते हुए श्रद्धांजलि दी है.बाथरूम में गिरने के बाद हुई मौत, सामने आई ये जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता 30 अक्टूबर की रात अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे. बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके सिर में चोट लगी, जिसके कारण उनकी मौत हो गई. हालांकि, निधन की परिस्थितियों को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. उनकी उम्र को लेकर भी रिपोर्ट्स में अंतर है कुछ जगह 57 तो कुछ में 59 साल बताई गई है.
'आतिश' से शुरू हुआ था निर्देशन का सफर
संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. एक्शन, दमदार संवाद और अलग अंदाज में कहानी पेश करने की उनकी शैली ने शुरुआत से ही दर्शकों का ध्यान खींचा. इसके बाद उन्होंने क्राइम और मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्मों के जरिए हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई.
'कांटे' ने दिलाई बड़ी पहचान
संजय गुप्ता के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में साल 2002 में रिलीज हुई 'कांटे' का नाम खास तौर पर लिया जाता है. इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण दोनों उन्होंने ही किया था. अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म एक हीस्ट थ्रिलर थी. फिल्म की कहानी, दमदार स्टारकास्ट और स्टाइलिश ट्रीटमेंट ने इसे दर्शकों के बीच खास जगह दिलाई. समय के साथ 'कांटे' को कल्ट फिल्मों में गिना जाने लगा. इस फिल्म ने संजय गुप्ता को एक ऐसे निर्देशक के तौर पर स्थापित किया, जिनकी फिल्मों में एक्शन और क्राइम की दुनिया को अलग अंदाज में दिखाया जाता था.
'शूटआउट एट लोखंडवाला' से 'शूटआउट एट वडाला' तक बनाई पहचान
'कांटे' के बाद भी संजय गुप्ता का क्राइम फिल्मों से जुड़ाव जारी रहा. साल 2004 में उन्होंने 'मुसाफिर' का निर्देशन किया. इसके बाद 2007 में रिलीज हुई 'शूटआउट एट लोखंडवाला' से बतौर निर्माता जुड़े. मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया. साल 2013 में उन्होंने 'शूटआउट एट वडाला' का निर्देशन किया. यह फिल्म भी मुंबई के गैंगवार और अंडरवर्ल्ड की दुनिया पर आधारित थी. इन फिल्मों के जरिए उन्होंने हिंदी सिनेमा में क्राइम और गैंगस्टर कहानियों को एक खास सिनेमाई अंदाज में पेश किया.
'काबिल' और 'मुंबई सागा' जैसी फिल्मों का भी किया निर्देशन
संजय गुप्ता ने सिर्फ गैंगस्टर फिल्मों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा. साल 2017 में उन्होंने ऋतिक रोशन और यामी गौतम स्टारर फिल्म 'काबिल' का निर्देशन किया. यह एक्शन और रिवेंज थ्रिलर फिल्म थी, जिसे दर्शकों के बीच अच्छी प्रतिक्रिया मिली. इसके बाद साल 2021 में वह 'मुंबई सागा' लेकर आए. इस फिल्म में जॉन अब्राहम, इमरान हाशमी और सुनील शेट्टी समेत कई कलाकार नजर आए थे. उनकी फिल्मों की खासियत दमदार एक्शन, गहरे रंगों वाले विजुअल्स, अलग तरह की लाइटिंग और साउंड डिजाइन रही. बतौर फिल्ममेकर वह तकनीकी बारीकियों और स्क्रीन पर कहानी को प्रभावशाली तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते थे.
व्हाइट फेदर फिल्म्स के जरिए भी दिया योगदान
संजय गुप्ता ने अपने प्रोडक्शन बैनर 'व्हाइट फेदर फिल्म्स' के तहत भी कई फिल्मों और प्रोजेक्ट्स पर काम किया. निर्देशन के साथ-साथ निर्माता और लेखक के तौर पर भी उन्होंने हिंदी सिनेमा में योगदान दिया. उनकी फिल्मोग्राफी में क्राइम, एक्शन और थ्रिलर जैसी अलग-अलग शैलियों की फिल्में शामिल रहीं. उनकी आखिरी फिल्मों में 2025 में रिलीज हुई 'द मिरांडा ब्रदर्स' भी शामिल है.
संजय गुप्ता के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक
संजय गुप्ता के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत से जुड़े लोग और उनके प्रशंसक उन्हें याद कर रहे हैं. फिल्मकार अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए उन्हें शानदार कहानीकार और जुनूनी फिल्ममेकर बताया. उन्होंने संजय गुप्ता के निधन को फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति बताया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.
ये भी पढ़ें- लावणी की रानी ईठा बाई के किरदार में छाईं श्रद्धा कपूर, ट्रेलर में दिखी संघर्ष, जुनून और शोहरत की दास्तां!