नई दिल्ली: देश में SIR और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। वहीं, बीजेपी भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रही है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में एक जनसभा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश में संकट के समय लोगों की मदद करने के बजाय उसका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ विपक्षी दल भारत को मुश्किल में देखकर खुश होते हैं। जब भी देश किसी संकट से गुजरता है, ये लोग हालात का फायदा उठाने में जुट जाते हैं। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और उसके भारत पर पड़ने वाले असर का भी जिक्र किया।
अफवाह फैलाकर लोगों में डर पैदा किया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें बदनाम करने के लिए खाद और एलपीजी को लेकर अफवाहें फैलाईं। किसानों के बीच यह डर फैलाया गया कि उन्हें खाद नहीं मिलेगी और लोगों को रसोई गैस की कमी का सामना करना पड़ेगा।
VIDEO | Addressing a public gathering in Banaskantha, PM Modi, says, "Today, every farmer, every youth, and every woman in the country is moving forward with the resolve to build a developed India. Unfortunately, there are some people who do not like this. These are people who want to see the country in difficulty. The latest example is the ongoing war involving Iran and countries in the Gulf region. At a time when India is united in dealing with its challenges, these people have been busy spreading rumours. False claims were made to create panic among farmers, suggesting that fertilizers would not be available and triggering long queues. An artificial atmosphere of panic was created. Women were also frightened with rumours that cooking gas would no longer be available, raising concerns about how they would cook food and how children would go to school. Their intention was to create chaos in the country so that they could malign Modi. I want to remind the farmers of the country that I had assured them that Modi would stand firmly by their side. And you can see that the war is still ongoing, but the Modi government has ensured that farmers do not face any shortage of fertilizers." #GujaratNews #Banaskantha (Source: PM Modi YT) (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 30, 2026
पीएम मोदी के मुताबिक, इन अफवाहों की वजह से लोगों में घबराहट पैदा हुई और लंबी कतारों का माहौल बना। महिलाओं को चिंता होने लगी कि घर में खाना कैसे बनेगा और बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की।
किस संकट की ओर इशारा कर रहे थे पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री के भाषण में खाड़ी क्षेत्र के तनाव का जिक्र ऐसे समय आया है, जब ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच टकराव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। साल 2025 में ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक युद्ध चला था। इसके बाद फरवरी 2026 से दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया। अमेरिका भी इस संघर्ष में इजरायल के साथ शामिल है।
ईरान की ओर से ड्रोन और मिसाइलों के जरिए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, ईरान के सहयोगी हूती विद्रोहियों की गतिविधियों से भी इस इलाके में तनाव बढ़ा है।
इस संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह रास्ता दुनिया के लिए तेल की आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। इसके प्रभावित होने से वैश्विक सप्लाई चेन पर भी दबाव पड़ा है।
भारत भी इस स्थिति से अछूता नहीं है। तेल की कीमतों और जरूरी सामान की आपूर्ति पर इसका असर पड़ सकता है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में इसी अंतरराष्ट्रीय संकट का जिक्र करते हुए देश को इसके संभावित प्रभावों की याद दिलाई।