CM Yogi: चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर उठने वाले सवालों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने हितों को साधने के लिए न्यायपालिका, चुनाव आयोग और देश की दूसरी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं. सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं का सम्मान बनाए रखना जरूरी है और राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें विवादों में घसीटना उचित नहीं है.
#WATCH गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "...अव्यवस्था पैदा करके अराजकता पैदा करके, भारत के संवैधानिक संस्थाओं को भी कड़घरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। आश्चर्य है कि चुनाव जीते तो इनका पुरुषार्थ और हारे तो EVM दोषी, चुनाव आयोग दोषी। अगर मेरिट के आधार पर कोई फैसला देता है तो न्यायालय को कड़घरे में खड़ा करने का प्रयास करते हैं। उन्हें तमाम प्रकार की धमकी देने का प्रयास करते हैं। ऐसे ही तमाम अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कड़घरे में खड़ा करना, गाली गलौज करना, अव्यवस्था फैलाना यह कांग्रेस की नीति बन चुकी है...भारत में अराजकता न फैलाएं। भारत की संवैधानिक संस्था को कड़घरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास न करें... भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से बहुत जागरूक है। वह इस अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। ऐसा नहीं कि जनता बहुत दिनों तक और बहुत देर तक इसको बर्दाश्त करेगी....इसी प्रकार से अराजकता पैदा करेंगे तो जो कुछ बचा खुचा है वह भी उन्हें गंवाना पड़ेगा"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 12, 2026
चुनावी नतीजों पर विपक्ष के रवैये पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नतीजे पक्ष में आते हैं, तो राजनीतिक दल अपनी जीत को जनता का समर्थन और अपनी योग्यता बताते हैं. वहीं, हार मिलने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर आरोप लगाए जाने लगते हैं. उनके मुताबिक, यह रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसे को कमजोर करता है.
सीएम योगी ने न्यायपालिका को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब कोई न्यायिक फैसला किसी राजनीतिक दल की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं होता, तो कुछ लोग अदालतों की गरिमा पर सवाल उठाने लगते हैं. उन्होंने इसे संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया.
संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र की मजबूत नींव
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम आधार हैं. इन संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संस्थाओं के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते संस्थाओं को निशाना बनाने और समाज में अव्यवस्था पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं. मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन असहमति जताने के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है.
जनता देगी नकारात्मक राजनीति का जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा जताया कि देश की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों को अच्छी तरह समझती है. उन्होंने कहा कि लोग संवैधानिक संस्थाओं के महत्व से परिचित हैं और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने वाली कोशिशों को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेंगे. सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए अराजकता फैलाने का सिलसिला जारी रहा, तो इसका नुकसान ऐसी राजनीति करने वालों को ही उठाना पड़ सकता है. उनके मुताबिक, लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है और वह समय आने पर अपने मताधिकार के जरिए राजनीतिक दलों को जवाब देती है.
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