असम में शुरू होगी बिहार वाली स्कीम! 37 लाख महिलाओं के खातों में आएंगे 8 हजार रुपए, कैसे मिलेगा लाभ?

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 10 हजार रुपये देने की योजना के बाद अब असम में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई जा रही है.

Women in Assam will get Rs 8 thousand CM Sarma Bihu gift
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 10 हजार रुपये देने की योजना के बाद अब असम में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई जा रही है. साल 2026 में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें असम और पश्चिम बंगाल प्रमुख हैं. असम में मार्च-अप्रैल के बीच चुनाव संभावित हैं और चुनाव से कुछ महीने पहले ही राज्य की राजनीति गरमा गई है.

लगातार 10 साल से सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस बार जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनावी माहौल को देखते हुए एक के बाद एक लोकलुभावन घोषणाएं कर रहे हैं. नए साल के पहले ही दिन उन्होंने महिलाओं और युवाओं दोनों को साधने वाली बड़ी योजनाओं का ऐलान कर दिया.

37 लाख महिलाओं को मिलेगा ‘बिहू तोहफा’

असम सरकार की बेहद अहम योजना ओरुनोदोई (Orunodoi Scheme) में इस बार बड़ा बदलाव किया गया है. यह योजना 2020 में शुरू की गई थी, जिसके तहत राज्य की गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए दिए जाते हैं. फिलहाल इस योजना के तहत करीब 37 लाख महिलाएं लाभार्थी हैं.

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि चुनावी साल की शुरुआत को देखते हुए जनवरी से मासिक किस्त नहीं दी जाएगी. इसके बजाय—

  • 20 फरवरी को हर लाभार्थी महिला के खाते में एकमुश्त 8,000 रुपये भेजे जाएंगे
  • यह रकम एडवांस ‘बोहाग बिहू तोहफे’ के तौर पर दी जाएगी

सीएम सरमा ने कहा कि इस कदम का मकसद यह है कि महिलाएं असम के सबसे बड़े त्योहारों में से एक बिहू को अच्छे से मना सकें.

पुरुष छात्रों के लिए भी नई योजना

असम सरकार ने सिर्फ महिलाओं पर ही नहीं, बल्कि पुरुष छात्रों पर भी फोकस बढ़ा दिया है. इससे पहले 2024 में राज्य सरकार ने बाल विवाह रोकने और लड़कियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए ‘निजुत मोइना योजना’ शुरू की थी, जिसके तहत हायर सेकेंडरी से लेकर पोस्टग्रेजुएट तक की छात्राओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जाती है.

इसके बाद पुरुष छात्रों के लिए भी ऐसी ही योजना की मांग उठने लगी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने एक नई स्कीम का ऐलान किया—

बाबू आसोनी योजना

  • पोस्टग्रेजुएट पुरुष छात्रों को: ₹2,000 प्रति माह
  • अंडरग्रेजुएट पुरुष छात्रों को: ₹1,000 प्रति माह
  • आय सीमा: परिवार की सालाना आय अधिकतम ₹4 लाख

शुरुआत: 1 फरवरी से

सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद युवाओं को पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.

सस्ता राशन भी चुनावी पैकेज का हिस्सा

परिवारों को राहत देने के लिए असम सरकार ने राशन को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि—

हर राशन कार्ड धारक को

  • 1 किलो मसूर दाल
  • 1 किलो चीनी
  • 1 किलो नमक
  • सिर्फ 100 रुपये में मिलेगा

इससे पहले नवंबर में सरकार ने इन तीनों चीजों को 117 रुपये की संयुक्त कीमत पर उपलब्ध कराया था. अब कीमत और घटाकर आम लोगों को और राहत दी जा रही है.

बिहू और चुनाव का संयोग, सियासी टाइमिंग

असम में माघ बिहू जनवरी के मध्य में मनाया जाता है, जबकि बोहाग बिहू अप्रैल के मध्य में, जिसे असमिया नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है. यह वही समय होता है जब राज्य में चुनावी प्रक्रिया अपने चरम पर रहती है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि—

  • बिहू जैसे बड़े सांस्कृतिक त्योहार से पहले कैश ट्रांसफर
  • महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों पर फोकस
  • चुनाव से ठीक पहले योजनाओं की झड़ी

ये सभी कदम सोची-समझी चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं.

क्या असम में भी काम करेगा ‘बिहार मॉडल’?

असम से पहले बिहार में भी इसी तरह का प्रयोग किया गया था. विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 10 हजार रुपये देने की योजना शुरू की गई थी. इसके तहत करीब 21 लाख महिलाओं के खातों में सीधे पैसे भेजे गए.

इस योजना का महिला वोटर्स पर बड़ा असर पड़ा और नतीजा यह हुआ कि—

  • नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA को ऐतिहासिक जीत मिली
  • RJD जैसी विपक्षी पार्टियां काफी पीछे रह गईं

अब असम में हिमंत बिस्वा सरमा को भी उम्मीद है कि महिलाओं के खातों में सीधा पैसा भेजने की रणनीति यहां भी कारगर साबित होगी.

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