भारतीय संस्कृति और हाईटेक सुविधाओं का संगम, शुरू हुआ नोएडा एयरपोर्ट का सफर, किसानों को खास सम्मान

Jewar Airport News: लंबे इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू हो गया है. एयरपोर्ट पर पहली निर्धारित कमर्शियल फ्लाइट की सफल लैंडिंग के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने एक नया अध्याय लिख दिया. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बोर्डिंग गेट का उद्घाटन कर सेवा की औपचारिक शुरुआत की.

Uttar Pradesh A blend of Indian culture and high-tech amenities Noida Airport journey begins
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Jewar Airport News: लंबे इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू हो गया है. एयरपोर्ट पर पहली निर्धारित कमर्शियल फ्लाइट की सफल लैंडिंग के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने एक नया अध्याय लिख दिया. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बोर्डिंग गेट का उद्घाटन कर सेवा की औपचारिक शुरुआत की.

पहली उड़ान इंडिगो की थी, जो लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरकर सुबह जेवर एयरपोर्ट पहुंची. इसके बाद विमान को बेंगलुरु के लिए रवाना किया गया.

एयरपोर्ट निर्माण में योगदान देने वाले किसानों को मिला सम्मान

इस ऐतिहासिक अवसर पर उन किसानों को विशेष सम्मान दिया गया, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई थी. करीब 170 किसानों को विशेष विमान से लखनऊ ले जाया गया, जहां उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराई जाएगी.

इस विशेष यात्रा में किसानों के अलावा जेवर विधायक और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के अधिकारी भी शामिल हैं. सम्मान समारोह के बाद यही विमान किसानों को वापस नोएडा लेकर लौटेगा.

पहली शेड्यूल्ड फ्लाइट ने भरी उड़ान

लखनऊ से रवाना हुई इंडिगो की फ्लाइट 6E-2278 सुबह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह विमान आगे बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ, जहां इसके पूर्वाह्न में पहुंचने की योजना है.

भारतीय संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा मेल

एयरपोर्ट को केवल आधुनिक परिवहन केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाने वाले स्थल के रूप में भी विकसित किया गया है. टर्मिनल भवन के डिजाइन में वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को शामिल किया गया है.

यात्रियों को प्रवेश करते ही भारतीय वास्तुकला, कला और सांस्कृतिक तत्वों का अनुभव मिलेगा. इसके साथ ही आधुनिक तकनीक और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है.

डिजी यात्रा तकनीक से आसान होगा सफर

यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया गया है. डिजी यात्रा प्रणाली के तहत यात्री का चेहरा ही उसकी पहचान और बोर्डिंग पास का कार्य करेगा, जिससे चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया अधिक तेज और सुगम बनेगी. इसके अलावा हाई-स्पीड एस्केलेटर, आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, स्मार्ट लिफ्ट और अन्य विश्वस्तरीय सुविधाएं भी यात्रियों को उपलब्ध कराई जाएंगी.

जुलाई से नियमित उड़ानों की तैयारी

लखनऊ और नोएडा के बीच हवाई सेवा की शुरुआत 15 जून से हो गई है. वहीं, 1 जुलाई 2026 से इस रूट पर नियमित उड़ानों का संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. दोनों शहरों के बीच हवाई यात्रा का समय लगभग एक घंटा रहेगा. निर्धारित समय के अनुसार विमान सुबह लखनऊ से उड़ान भरकर नोएडा पहुंचेगा और शाम को वापस लखनऊ लौटेगा.

सुरक्षा और हरित ऊर्जा पर विशेष फोकस

एयरपोर्ट पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. सीआईएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. पूरे परिसर में एआई आधारित कैमरे और आधुनिक निगरानी प्रणाली तैनात की गई है.

साथ ही एयरपोर्ट को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा. लक्ष्य यह है कि एयरपोर्ट की लगभग 50 प्रतिशत बिजली जरूरतें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी हों.

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