उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से सामने आई एक घटना ने आस्था, चमत्कार और मान्यताओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है. नंदपुर गांव में स्थित एक पुराने मंदिर परिसर में इन दिनों भीड़ भगवान के साथ-साथ एक कुत्ते के दर्शन के लिए भी उमड़ रही है. वजह है वह दावा, जिसके मुताबिक यह कुत्ता लगातार पांच दिनों तक बिना कुछ खाए-पिए हनुमान जी और मां दुर्गा की प्रतिमाओं की परिक्रमा करता रहा. गांव में यह चर्चा आग की तरह फैली और देखते ही देखते यह कुत्ता लोगों की आस्था का प्रतीक बन गया.
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से यह कुत्ता मंदिर परिसर से बाहर नहीं गया. न दिन में आराम किया और न ही किसी तरह का भोजन या पानी लिया. बस मंदिर में स्थापित मूर्तियों की परिक्रमा करता रहा. पांचवें दिन जब कमजोरी के चलते वह जमीन पर गिर पड़ा, तो मंदिर समिति के लोगों ने उसे उठाकर गद्दे पर सुलाया और ठंड से बचाने के लिए रजाई ओढ़ा दी. इसी दृश्य ने लोगों की भावनाओं को और गहरा कर दिया.
मंदिर ने खींता सभी का ध्यान
मंदिर में धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी और कुछ ही समय में वहां मेले जैसा माहौल बन गया. आसपास के गांवों से लोग इस ‘चमत्कारी कुत्ते’ को देखने पहुंचने लगे. कई श्रद्धालु उसके सामने सिर झुकाने लगे, कुछ ने प्रसाद चढ़ाया तो कुछ ने रुपये-पैसे भी अर्पित किए. लोगों का मानना है कि इस कुत्ते पर किसी दैवीय शक्ति की विशेष कृपा है और इससे मांगी गई मन्नतें पूरी हो सकती हैं. मंदिर के बाहर खिलौनों और प्रसाद की दुकानें तक लग गईं, जिससे यह जगह किसी धार्मिक आयोजन जैसी नजर आने लगी.
"Kutta Maharaj" 😂
— SDutta (@KhelaHobePart2) January 17, 2026
This dog might be having some neurological disorders. It was going around the idols of God's in circles (parikrama).
As usual people found something divine in it and started worshiping it.
Doggy Baba Ki Jai😂pic.twitter.com/4YsSfUPLvT
आस्था के इस सैलाब के बीच कुत्ते की सेहत चिंता का कारण बन गई. लगातार भूखे-प्यासे रहने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई. बताया जा रहा है कि उसने दूध और रोटी तक खाने से इनकार कर दिया. स्थिति गंभीर होती देख स्थानीय लोगों ने पशु चिकित्सकों को बुलाया. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे धीरे-धीरे ऊर्जा देने के लिए फलों के जरिए पोषण देने की प्रक्रिया शुरू की, ताकि उसकी जान को खतरा न रहे.यह घटना जहां एक ओर लोगों की गहरी धार्मिक भावना और विश्वास को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर पशु कल्याण और अंधविश्वास को लेकर सवाल भी खड़े कर रही है. नंदपुर गांव का यह मंदिर और वहां मौजूद कुत्ता फिलहाल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग इसे चमत्कार मानें या संयोग—इस पर राय बंटी हुई है.
डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय लोगों के दावों और मान्यताओं पर आधारित है. किसी भी चमत्कार
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