देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है. उत्तर भारत जहां भीषण ठंड, घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है, वहीं दक्षिण भारत में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले पांच दिनों यानी करीब 120 घंटों तक कई इलाकों में तेज और लगातार बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह स्थिति बनी है. इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल जैसे क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है.
तमिलनाडु में बदला मौसम का मिजाज
पिछले कुछ दिनों में तमिलनाडु के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले ही राज्य के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई थी. बीते 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु और कराईकल क्षेत्र में कई स्थानों पर हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई है.
रविवार सुबह 8:30 बजे तक एकत्र किए गए मौसम डेटा के मुताबिक, तिरुनेलवेली जिले के नालुमुक्कू इलाके में 5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में इस अवधि की सबसे अधिक वर्षा रही. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.
बारिश की मुख्य वजह क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदले हुए मौसम के पीछे समुद्री इलाकों में सक्रिय कई वायुमंडलीय प्रणालियां जिम्मेदार हैं.
दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में निचले स्तर का एक ट्रफ बना हुआ है.
इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी क्षेत्रों में ऊपरी हवा में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है.
इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. तमिलनाडु के अलावा पुडुचेरी और कराईकल में भी इसी तरह का मौसम बने रहने के संकेत हैं.
तापमान में और गिरावट के आसार
IMD ने यह भी बताया है कि बारिश के साथ-साथ न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखी जा सकती है. 7 जनवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में रात का तापमान धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है. इससे ठंड का असर और बढ़ सकता है, खासकर सुबह और देर रात के समय.
पहले भी हो चुका है भारी नुकसान
मौसम विभाग ने याद दिलाया कि इससे पहले चक्रवाती सिस्टम और उत्तर-पूर्वी मॉनसून के कारण राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हुई थी. उस दौरान शहरी इलाकों में जलभराव, निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति और डेल्टा तथा दक्षिणी जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा था.
चेन्नई, तिरुनेलवेली और थूथुकुडी जैसे बड़े शहरों में तेज बारिश के चलते ट्रैफिक जाम, ड्रेनेज सिस्टम के ओवरफ्लो और जनजीवन के प्रभावित होने की खबरें सामने आई थीं.
मछुआरों और आम लोगों के लिए अलर्ट
मौसम की अस्थिरता को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने चेताया है कि साइक्लोनिक गतिविधियों के कारण समुद्र की स्थिति अचानक खराब हो सकती है. वहीं, किसानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है.
प्रशासन और स्थानीय निकायों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
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