UNSC Emergency Meeting: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है. शनिवार को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में ऑपरेशन चलाते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया. इस घटनाक्रम को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सोमवार को एक आपात बैठक बुलाने का निर्णय लिया है.
यह बैठक सोमालिया की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी, जो इस समय सुरक्षा परिषद का रोटेटिंग प्रेसिडेंट है. बैठक सुबह 10 बजे (भारतीय समयानुसार रात 8:30 बजे) शुरू होगी. इसका प्रमुख एजेंडा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर मंडराते खतरे और आगे की रणनीति पर विचार करना है.
UNSC में भविष्य की रणनीति पर मंथन
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य देश होते हैं, जिनमें पांच स्थायी और दस अस्थायी सदस्य शामिल हैं. इस आपात बैठक में अमेरिकी कार्रवाई के प्रभाव, क्षेत्रीय अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. साथ ही यह भी तय करने की कोशिश होगी कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर कौन-से कदम उठाए जा सकते हैं.
इस आपात बैठक की मांग सबसे पहले कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने की थी. उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को वेनेजुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया और कहा कि यह कदम पूरे लैटिन अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है. पेट्रो ने यह भी जोर दिया कि किसी भी देश के आंतरिक राजनीतिक विवाद का समाधान वहां के नागरिकों द्वारा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए, न कि बाहरी सैन्य हस्तक्षेप से.
ट्रंप की घोषणा और मादुरो की गिरफ्तारी
शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया है. इस कार्रवाई के दौरान राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाया गया.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें मादुरो को अमेरिकी युद्धपोत USS इयो जिमा पर देखा जा सकता है. इस तस्वीर के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई.
इसके बाद व्हाइट हाउस से जुड़े रैपिड रिस्पांस अकाउंट ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें मादुरो को हथकड़ी लगाए हुए कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ ले जाया जाता दिखाया गया. वीडियो में मादुरो शांत दिखाई दिए और वह अधिकारियों से “हैप्पी न्यू ईयर” और “गुड नाइट” कहते हुए नजर आए.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की कड़ी प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ा सकती है और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं.
उनके प्रवक्ता स्टेफेन डुजारिक ने कहा कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक खतरनाक उदाहरण पेश करती है. उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का सख्ती से पालन करें और किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई से बचें.
वेनेजुएला में सत्ता संतुलन में बदलाव
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला के भीतर भी तेजी से राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए. देश की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति के अधिकार और जिम्मेदारियां सौंप दी हैं.
अदालत का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में मादुरो अस्थायी रूप से अपने संवैधानिक दायित्व निभाने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए शासन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है.
वैश्विक शांति पर मंडराता खतरा
अमेरिकी कार्रवाई और उसके बाद हुई राजनीतिक हलचल ने यह साफ कर दिया है कि वेनेजुएला संकट अब सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहा. UNSC की आपात बैठक से यह उम्मीद की जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात को काबू में लाने और किसी बड़े वैश्विक टकराव को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर विचार करेगा.
यह संकट आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा को किस तरह प्रभावित करेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक और उसके फैसलों पर टिकी हुई हैं.
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