दुनियाभर में बढ़ते आर्थिक तनाव के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आने की आशंका जताई जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल ग्रोथ करीब 4% तक गिर सकती है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी.
हालांकि, भारत के लिए राहत की खबर यह है कि देश की जीडीपी ग्रोथ लगभग 6% रहने का अनुमान है. जानकारों के मुताबिक, सरकार की नीतियों और आर्थिक प्रबंधन के चलते भारत वैश्विक मंदी के असर को कुछ हद तक संभाल सकता है, लेकिन पूरी तरह इससे अछूता रहना संभव नहीं है.
इस बीच, रिजर्व बैंक की आगामी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को स्थिर रखने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही, डॉलर को नियंत्रण में रखने और बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाने के उपाय किए जा सकते हैं.