PM Modi Record: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून को भारतीय राजनीति में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहे हैं. इस दिन वह लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं. इस उपलब्धि के साथ वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लंबे कार्यकाल को पीछे छोड़ देंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके बाद से वह लगातार देश का नेतृत्व कर रहे हैं. 10 जून को उनका लगातार कार्यकाल 4,399 दिनों का हो जाएगा, जो जवाहरलाल नेहरू के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री के कार्यकाल से एक दिन अधिक माना जा रहा है.
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 मई 1952 से लेकर 27 मई 1964 तक लगातार प्रधानमंत्री पद संभाला था. यह अवधि भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में लंबे समय तक एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के रूप में दर्ज रही.
लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्रियों में शीर्ष पर मोदी
लगातार कार्यकाल के आधार पर देखें तो नरेंद्र मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों की सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंचने वाले हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक लगातार लगभग 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभाला था. वहीं मोदी का लगातार कार्यकाल अब इन सभी आंकड़ों को पार करता नजर आ रहा है.
अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि, अलग नेतृत्व शैली
नरेंद्र मोदी और जवाहरलाल नेहरू दोनों भारतीय राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक सोच, नेतृत्व शैली और कार्य करने का तरीका एक-दूसरे से काफी अलग माना जाता है.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मोदी ने अपने राजनीतिक अभियान में विकास, राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी, जबकि नेहरू का राजनीतिक दृष्टिकोण स्वतंत्र भारत के शुरुआती वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं और आधुनिक राष्ट्र निर्माण पर केंद्रित था.
नेहरू की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं मोदी
प्रधानमंत्री मोदी कई मौकों पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों और फैसलों की आलोचना कर चुके हैं. भाजपा और उसके नेताओं की ओर से अक्सर यह तर्क दिया जाता रहा है कि स्वतंत्रता के बाद प्रधानमंत्री पद के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम भी प्रमुख दावेदारों में था.
राजनीतिक बहसों में यह मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है और भाजपा नेतृत्व इसे अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता रहा है.
कठिन राजनीतिक माहौल में उभरे मोदी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नरेंद्र मोदी का राष्ट्रीय राजनीति में उदय बेहद प्रतिस्पर्धी माहौल में हुआ. उन्होंने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार चुनावी सफलताएं हासिल कीं और बाद में 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत दिलाकर केंद्र की सत्ता तक पहुंचाया.
इसके बाद 2019 और 2024 के आम चुनावों में भी उन्होंने अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे.
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