New Criminal Law/ नई दिल्लीः आज यानी 1 जुलाई से देशभर में नए कानून यानी आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नये कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनिमय लागू हो रहे हैं. यह तीनों विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पारित किए गए थे. अब इन नए कानून के लागू होने के बाद क्या कुछ बदलेगा आइए जानते हैं.
नए कानून में होंगे बदलाव
इन नए कानून में कई बदलाव होने वाले हैं. इनमें धारा 375 और धारा 376 की जगह बलात्कार की धारा अब 63 होगी. सामूहिक बलात्कार की धारा अब 70 होगी. वहीं हत्या के लिए भी धारा में बदलाव किया हया है. पूर्व में हत्या की धारा 302 थी. लेकिन बदलाव के बाद 302 की जगह धारा 101 होगी. आपको बता दें कि भारतीय न्याय संहिता में इन नए बदलावों के तहत 21 नए अपराधों को जोड़ दिया गया है. इनमें मॉब लिन्चिंग भी शामिल है. यानी मॉब लिन्चिंग के लिए भी अब कानून तैयार किया गया है. वहीं 41 अपराधों की सजा को भी बढ़ा दिया गया है. 82 अपराधों में जुर्माना बढ़ाया गया है.
#BreakingNews | CR | देश में IPC की जगह अब BNS लागू
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भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू
देश में भारतीय साक्ष्य अधिनियम भी लागू हुआ
नए कानून से आपराधिक केस के फैसले में तेजी
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जल्द होगी मामले की सुनवाई
इन नए बदलावों के तहत कानून व्यवस्थाएं और भी अधिक सुगम होने वाली हैं. इनमें आपराधिक मामले में सुनवाई जल्द होने के लिए 45 दिनों के भीतर ही फैसला सुनाया जाने वाला है. पहली सुनवाई के बाद 60 दिनों के अंदर ही आरोप तय किए जाएंगे. सभी राज्य सरकारों को गवाहों की सुरक्षा और सहयोग सुनिश्चित करने के लिए गवाह सुरक्षा योजनाएं लागू करना होगा.
#BreakingNews: तीन नए आपराधिक कानून आज से लागू, FIR दर्ज करने से लेकर फैसला सुनाने तक की समयसीमा तय, जानें क्या-क्या बदल गया...
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रिश्तेदारों की मौजूदगी में होगा बयान दर्ज
बलात्कार पीड़िताओं के बयान अब पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़ित के परिजन जैसे अभिभावक या फिर किसी रिश्तेदारी की मौजूदगी में दर्ज करवाए जाएंगे. इन बदलावों के तहत मेडिकल रिपोर्ट भी सात दिनों के अंदर अब पेश की जाएगी.
महिलाओं और बच्चों के लिए नया अध्याय
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध में अगर बदलाव की अगर बात की जाए तो बच्चे को खरीदने या फिर बेचना की गिनती अब जघन्य अपराध में की जाएगी. इसी क्रम में कड़ी सजा का भी प्रावधान होगा.
नाबालिग से बलात्कार वालों की सजा होगी में क्या बदलाव?
इन नए कानून के तहत आपको बता दें कि नाबालिग के साथ बलात्कार करने के लिए मौत की सजा या फिर आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है. वहीं नए कानून में अब उन मामलों के लिए सजा का प्रावधान शामिल है, जिसके तहत महिलाओं को शादी का झूठा वादा करके या गुमराह करके छोड़ दिया जाता है.
अब मिलेगा अधिकार
नए कानून के तहत आपको बता दें कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करवाने वाले पीड़ितों को अब 90 दिनों के अंदर ही अपने मामले पर नियमित अपडेट प्राप्त करने का अधिकार दिया जाएगा. सभी अस्पतालों को महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराध के मामले में मुफ्त इलाज करना जरूरी होगा.
14 दिनों में पुलिस रिपोर्ट और चार्जशीट का अधिकार
आरोपी और पीड़ित दोनों को 14 दिनों के भीतर एफआईआर, पुलिस रिपोर्ट, चार्जशीट, बयान, इकबालिया बयान और अन्य दस्तावेजों की कॉपी प्राप्त करने का अधिकार है.
अब FIR के लिए पुलिस स्टेशन की जरुरत खत्म
इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट की जा सकेगी. यानी पुलिस स्टेशन जाने की भी जरुरत नहीं होगी. साथ ही व्यक्ति FIR को अपने अधिकार क्षेत्र वाले थाने के बजाए भी दर्ज करा सकता है.
फोरेंसिक विशेषज्ञों का जरुरी
अब किसी भी गंभीर अपराध के अंदर फोरेंसिक विशेषज्ञों का घटनास्तल पर जाना और घटनास्थल से साक्ष्यों को एकत्र करना अनिवार्य होगा.
ट्रांसजेंडर के लिए क्या कानून
लिंग की परिभाषा में अब ट्रांसजेंडर लोग भी शामिल होंगे, जो समानता को बढ़ावा देता है. महिलाओं के खिलाफ कुछ अपराधों के लिए जब भी संभव हो, पीड़ित के बयान महिला मजिस्ट्रेट की ओर से ही दर्ज किए जाने का प्रावधान है.
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