भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने आलोचनाओं पर अपनी बात साफ कर दी है. उनका कहना है कि कोच के तौर पर उनकी जिम्मेदारी टीम के लिए सही फैसले लेना है, न कि ऐसे फैसले करना जिससे हर कोई खुश हो जाए. गंभीर का यह बयान भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांचवें टी20 मैच से पहले आया.
इस मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जगह नहीं मिली. वैभव को लगातार मौके नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पर गौतम गंभीर की आलोचना हो रही है. ऐसे में उनके इस बयान को वैभव को टीम में शामिल नहीं करने के फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है.
'मेरी जिम्मेदारी सही फैसले लेना है'
गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी का नाम लिए बिना कहा कि उनका काम सभी को खुश करना नहीं है. उनकी जिम्मेदारी ऐसे फैसले लेना है, जो टीम के लिए सही हों. उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं का असर कई बार फैसलों पर पड़ता है.
गंभीर ने आगे कहा कि लोगों को खुश करने वाले फैसले लेना आसान है, लेकिन उनके लिए सबसे जरूरी सही फैसला करना है. इसके साथ ही ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों का भरोसा बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी है.
अनुभव वाले खिलाड़ियों को मिलना चाहिए मौका
हेड कोच ने टीम में अनुभव की अहमियत पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ी लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय और मौके मिलने चाहिए.
गंभीर के मुताबिक, न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी टीम ने इसी सोच के साथ फैसले लिए हैं.