इंडिगो संकट के बाद सरकार का बड़ा कदम, इन दो एयरलाइन को दी मंजूरी; जानें किनकी हुई एंट्री

New Airlines In India: हाल ही में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के सिस्टम में आई तकनीकी खराबी ने भारतीय एविएशन सेक्टर की एक बड़ी कमजोरी को उजागर कर दिया. इस गड़बड़ी के चलते हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा, कई उड़ानें प्रभावित हुईं और बड़ी संख्या में लोग अपनी मंजिल तक समय पर नहीं पहुंच सके.

Ministry of Civil Aviation Indigo crisis no objection certificate to Al Hind Air and Fly Express
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New Airlines In India: हाल ही में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के सिस्टम में आई तकनीकी खराबी ने भारतीय एविएशन सेक्टर की एक बड़ी कमजोरी को उजागर कर दिया. इस गड़बड़ी के चलते हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा, कई उड़ानें प्रभावित हुईं और बड़ी संख्या में लोग अपनी मंजिल तक समय पर नहीं पहुंच सके.

इस घटना ने यह साफ कर दिया कि जब पूरा सिस्टम कुछ गिनी-चुनी कंपनियों पर निर्भर हो, तो किसी एक में समस्या आने से आम यात्रियों को कितना बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है. इसी पृष्ठभूमि में अब केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है, जिसे यात्रियों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है.

दो नई एयरलाइंस को मिला NOC, बढ़ेगा विकल्पों का दायरा

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ‘अल हिंद एयर’ और ‘फ्लाई एक्सप्रेस’ को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है. इसका मतलब यह है कि ये दोनों कंपनियां अब भारत में एयरलाइन ऑपरेशन शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं.

इस फैसले के बाद आने वाले समय में यात्रियों को हवाई टिकट बुक करने के लिए सिर्फ एक या दो बड़ी एयरलाइंस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. प्रतिस्पर्धा बढ़ने से किराए, सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता में सुधार की उम्मीद की जा रही है.

इंडिगो और टाटा समूह का दबदबा बना हुआ है

वर्तमान स्थिति की बात करें तो भारतीय घरेलू विमानन बाजार पर मुख्य रूप से इंडिगो और टाटा समूह की एयरलाइंस (एयर इंडिया और उसकी सहयोगी कंपनियां) का वर्चस्व है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के अंदर उड़ान भरने वाले करीब 90 प्रतिशत यात्री इन्हीं दो समूहों की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं.

ऐसे में जब किसी एक बड़ी एयरलाइन के सिस्टम में तकनीकी या संचालन से जुड़ी समस्या आती है, तो पूरा नेटवर्क प्रभावित हो जाता है. इसका सीधा असर यात्रियों की यात्रा योजनाओं और भरोसे पर पड़ता है.

सरकार क्यों चाहती है नई एयरलाइंस?

इस जोखिम को कम करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने नई एयरलाइंस को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाई है. मंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ाया जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं और उचित किराए मिल सकें.

उन्होंने यह भी बताया कि बीते एक सप्ताह में मंत्रालय ने तीन नई एयरलाइन कंपनियों की टीमों से मुलाकात की है. यह संकेत देता है कि सरकार केवल दो कंपनियों के वर्चस्व को बनाए रखने के बजाय नए विकल्प खड़े करना चाहती है.

कौन हैं ‘अल हिंद एयर’ और ‘फ्लाई एक्सप्रेस’?

जिन दो कंपनियों को NOC मिला है, उनकी पृष्ठभूमि भी खास मानी जा रही है.

अल हिंद एयर

यह एयरलाइन केरल स्थित अलहिंद ग्रुप से जुड़ी है. अलहिंद ग्रुप पहले से ही ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में एक जाना-पहचाना नाम है और उसका अनुभव एयरलाइन संचालन के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

फ्लाई एक्सप्रेस

फ्लाई एक्सप्रेस एक हैदराबाद आधारित कंपनी है, जिसका अनुभव कुरियर और कार्गो सेवाओं में रहा है. लॉजिस्टिक्स और कार्गो क्षेत्र में काम करने का अनुभव भविष्य में इसकी संचालन क्षमता को मजबूत बना सकता है.

शंख एयर और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर फोकस

इन दो नई कंपनियों के अलावा, शंख एयर को पहले ही NOC मिल चुका है. शंख एयर की योजना उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और गोरखपुर को जोड़ने की है. इससे साफ है कि सरकार का जोर सिर्फ बड़े मेट्रो शहरों पर नहीं, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर करने पर भी है.

उड़ान योजना को मिलेगा नया बल

सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत पहले ही स्टार एयर और फ्लाई91 जैसी छोटी एयरलाइंस क्षेत्रीय मार्गों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी हैं. अब अल हिंद एयर, फ्लाई एक्सप्रेस और शंख एयर जैसे नए खिलाड़ी इस योजना को और मजबूती देने का काम करेंगे.

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