Omraje Nimbalkar: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ओमराजे निंबालकर के हालिया बयान के बाद उनके एकनाथ शिंदे गुट में जाने की चर्चा तेज हो गई है. उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत में साफ संकेत दिए कि फैसला लगभग हो चुका है और अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा बाकी है.
सत्ता से दूर रहकर लड़ाई मुश्किल
ओमराजे निंबालकर ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उनकी पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनाव लड़े, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली. उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष के पास सत्ता और संसाधन दोनों हैं, जबकि उनकी टीम सीमित साधनों के साथ लगातार संघर्ष कर रही है.
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सत्ता के रास्ते पर आगे बढ़ने के बारे में भी सोचा जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों और कार्यकर्ताओं के लिए बेहतर तरीके से काम किया जा सके.
मी शिंदेंच्या नेतृत्वात काम करणार आहे….
— Omkar Wable (@omkarasks) June 21, 2026
आज हातात पॉइटर्स घेऊन ओमराजे बोलत होते.. यापुढे सत्तेची ऊब सर्वसामान्यांपर्यंत कशी नेतात? बघणं महत्वाचं pic.twitter.com/Xzm9hyQMwW
कार्यकर्ताओं की समस्याओं का किया जिक्र
निंबालकर ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जरूरी फंड नहीं मिल पा रहा है और कई बिल भी अटके हुए हैं. उनका कहना था कि जनता की समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब उनके पास निर्णय लेने की ताकत और संसाधन हों.
न्याय नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
बातचीत के दौरान उन्होंने अपने परिवार से जुड़े एक पुराने मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया, जिससे वे काफी निराश हैं. उन्होंने कहा कि अगर एक सांसद होने के बावजूद वह अपने परिवार के लिए न्याय नहीं दिला सके, तो आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
शिंदे से मिले समर्थन का किया जिक्र
ओमराजे निंबालकर ने कहा कि जब उन्हें जरूरत थी, तब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनका साथ दिया. उन्होंने बताया कि एक अहम मामले में शिंदे ने तुरंत हस्तक्षेप किया और संबंधित अधिकारियों से बात कर मदद की. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनका फैसला किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं है, बल्कि राजनीतिक और क्षेत्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है.
जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान
निंबालकर के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनके अगले कदम को लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है. यदि ऐसा होता है तो यह शिवसेना (यूबीटी) के लिए एक और बड़ा झटका माना जाएगा.
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