IPL 2026: MI-LSG बाहर, 8 टीमों के बीच प्लेऑफ की जंग, 11 मैच बाकी... जानें कौन कैसे करेगा क्वालीफाई?

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 सीजन अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है. लीग स्टेज खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और 24 मई को आखिरी लीग मुकाबला खेला जाएगा.

IPL 2026 Playoff Scenarios Which team will qualify for playoffs
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IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 सीजन अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है. लीग स्टेज खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और 24 मई को आखिरी लीग मुकाबला खेला जाएगा. जैसे-जैसे मैच कम हो रहे हैं, प्लेऑफ की लड़ाई और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है.

अब सिर्फ 11 मुकाबले बाकी हैं, लेकिन प्लेऑफ की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है. मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं, जबकि बाकी आठ टीमें अब भी टॉप-4 में जगह बनाने की दौड़ में बनी हुई हैं.

आने वाले यही 11 मुकाबले तय करेंगे कि कौन सी चार टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी और किसका सफर लीग स्टेज में ही खत्म हो जाएगा.

कैसे होता है आईपीएल प्लेऑफ का फॉर्मेट?

आईपीएल में लीग स्टेज खत्म होने के बाद अंक तालिका में टॉप-4 में रहने वाली टीमें प्लेऑफ में पहुंचती हैं.

  • पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच क्वालीफायर-1 खेला जाता है.
  • इस मुकाबले की विजेता टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाती है.
  • तीसरे और चौथे नंबर की टीमें एलिमिनेटर मुकाबला खेलती हैं.
  • एलिमिनेटर जीतने वाली टीम का सामना क्वालीफायर-1 हारने वाली टीम से क्वालीफायर-2 में होता है.
  • क्वालीफायर-2 जीतने वाली टीम फाइनल में जगह बनाती है.

यही वजह है कि टीमें सिर्फ प्लेऑफ में पहुंचने के लिए ही नहीं बल्कि टॉप-2 में जगह बनाने के लिए भी पूरी ताकत लगा रही हैं.

कौन-कौन सी टीमें अभी रेस में?

इस समय रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई हैं.

अब जानते हैं किस टीम का रास्ता कितना आसान और कितना मुश्किल है.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की स्थिति मजबूत

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के फिलहाल 16 अंक हैं और उसके दो मैच बाकी हैं. टीम शानदार स्थिति में दिखाई दे रही है.

अगर बेंगलुरु अपने बचे हुए दो मुकाबलों में से सिर्फ एक भी जीत जाती है, तो उसका प्लेऑफ में पहुंचना लगभग तय हो जाएगा. साथ ही टीम टॉप-2 में जगह बनाने की भी बड़ी दावेदार बनी हुई है.

गुजरात टाइटंस भी प्लेऑफ के करीब

गुजरात टाइटंस के भी 16 अंक हैं और उसके पास दो मुकाबले बाकी हैं.

अगर गुजरात अगले दो मैचों में से एक भी जीत लेती है, तो टीम आसानी से प्लेऑफ में पहुंच जाएगी. हालांकि शीर्ष-2 में बने रहने के लिए टीम दोनों मुकाबले जीतना चाहेगी.

सनराइजर्स हैदराबाद को चाहिए जीत

सनराइजर्स हैदराबाद के 12 मैचों में 14 अंक हैं. आमतौर पर 16 अंक प्लेऑफ के लिए सुरक्षित माने जाते हैं.

अगर हैदराबाद अपने दोनों मुकाबले जीत लेती है, तो उसे किसी दूसरी टीम के नतीजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. हालांकि एक जीत के साथ भी उसकी उम्मीदें कायम रह सकती हैं, लेकिन उस स्थिति में दूसरे मैचों के परिणाम अहम हो जाएंगे.

पंजाब किंग्स के लिए हर मैच अहम

पंजाब किंग्स लगातार पांच मुकाबले हार चुकी है और दबाव में नजर आ रही है. टीम के अभी 13 अंक हैं.

अगर पंजाब को सुरक्षित तरीके से प्लेऑफ में पहुंचना है तो उसे अपने बाकी दोनों मैच जीतने होंगे. अगर टीम सिर्फ एक मुकाबला जीतती है तो उसे दूसरे परिणामों का इंतजार करना पड़ेगा.

राजस्थान रॉयल्स के पास अभी मौका

राजस्थान रॉयल्स के पास अभी तीन मुकाबले बाकी हैं.

अगर राजस्थान तीनों मैच जीत जाती है तो उसका प्लेऑफ टिकट लगभग पक्का हो जाएगा. हालांकि टीम के लिए कम से कम दो जीत बेहद जरूरी मानी जा रही हैं.

चेन्नई सुपर किंग्स मुश्किल में

चेन्नई सुपर किंग्स के फिलहाल 12 अंक हैं और उसके दो मैच बाकी हैं.

चेन्नई अगर दोनों मुकाबले जीत भी जाती है, तब भी उसे दूसरे मैचों के परिणामों पर निर्भर रहना होगा. ऐसे में टीम के लिए नेट रन रेट भी काफी अहम रहने वाला है.

दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीद बेहद कम

दिल्ली कैपिटल्स के 12 मैचों में सिर्फ 10 अंक हैं. टीम दोनों मैच जीतकर भी अधिकतम 14 अंक तक ही पहुंच पाएगी.

ऐसी स्थिति में दिल्ली की प्लेऑफ उम्मीदें लगभग खत्म मानी जा रही हैं. टीम को अपने मैच जीतने के साथ-साथ कई अन्य नतीजों में भी चमत्कार की जरूरत होगी.

कोलकाता नाइट राइडर्स की राह सबसे कठिन

कोलकाता नाइट राइडर्स के 11 मैचों में सिर्फ 9 अंक हैं. टीम अधिकतम 15 अंकों तक पहुंच सकती है.

अगर कोलकाता अपने बाकी तीनों मैच जीत भी लेती है, तब भी प्लेऑफ में पहुंचना तय नहीं होगा. उसे दूसरी टीमों की हार और बेहतर नेट रन रेट की भी जरूरत पड़ेगी.

आईपीएल 2026 अब उस दौर में पहुंच चुका है जहां हर मुकाबला अंक तालिका की तस्वीर बदल सकता है. एक जीत किसी टीम को प्लेऑफ के करीब पहुंचा सकती है, जबकि एक हार पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फेर सकती है.

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