Shahzad Bhatti Network: उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क को लेकर एटीएस ने बड़ा अभियान शुरू किया है. प्रदेश के कई जिलों में एटीएस की 55 टीमें एक साथ जांच और छापेमारी कर रही हैं. इस कार्रवाई में सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे लोगों और उनके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है.
एटीएस की नजर उन लोगों पर भी है, जिनके सोशल मीडिया अकाउंट या ऑनलाइन संपर्क शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है. जांच एजेंसी पहले भी इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया और डिजिटल संपर्कों की पड़ताल कर चुकी है. अगस्त में भी यूपी एटीएस ने पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क को लेकर कई लोगों से पूछताछ की थी.
यूपी में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
शाहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर उत्तर प्रदेश में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है. जून में यूपी एटीएस ने बुलंदशहर के दो लोगों को पाकिस्तान में मौजूद गैंगस्टरों के संपर्क में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया था. जांच में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क और नेटवर्क से जुड़ने की बात सामने आने का दावा किया गया था.
मई में एटीएस और एसटीएफ ने सहारनपुर से भी चार लोगों को गिरफ्तार किया था. उस समय एजेंसियों ने बड़ी संख्या में संदिग्ध कम्युनिकेशन लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की थी. जांच का मकसद नेटवर्क से जुड़े लोगों और संभावित स्थानीय मददगारों के बारे में जानकारी जुटाना था.
केंद्र ने नेटवर्क को आतंकी संगठन घोषित किया
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर को शाहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित किया था. मंत्रालय के मुताबिक, नेटवर्क पर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर ले जाने के आरोप हैं. सरकार ने यह भी कहा था कि नेटवर्क ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को निशाना बनाते हुए नफरत भरी डिजिटल सामग्री प्रसारित की.
सोशल मीडिया संपर्कों पर भी नजर
अब 55 टीमों की एक साथ चल रही कार्रवाई में एटीएस सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन संपर्क और नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है. जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल सबूतों और अन्य जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
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