Sanju Samson vs NZ: नागपुर टी20 मुकाबले में भारतीय टीम के दाएं हाथ के बल्लेबाज संजू सैमसन का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा. उन्होंने काइल जेमिसन की गेंद पर केवल 7 गेंदों में 10 रन बनाए और रचिन रवींद्र को आसान कैच दे बैठे. शुरुआत तो अच्छी रही थी, सैमसन ने जेमिसन के ओवर में दो चौके लगाए लेकिन एक फ्लिक शॉट में उनकी जल्दबाजी ने उन्हें परेशानी में डाल दिया.
संजू सैमसन के लिए यह समय बहुत चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि पिछले 12 टी20 मैचों में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. लगातार कमजोर पारियों के चलते टीम में उनकी जगह सुरक्षित नहीं दिख रही.
🚨 Sanju Samson in his last 12 T20i innings:
— Ahmed Says (@AhmedGT_) January 21, 2026
26(20), 5(7), 3(6), 1(3), 16(7), 56(45), 13(17), 39(23), 24(21), 2(4), 37(22), 10(7)*
- 19 Average,
- 126 Strike Rate. pic.twitter.com/CTtyGYwYzu
पिछली 12 पारियों का आंकलन
अगर संजू सैमसन की पिछली 12 टी20 इंटरनेशनल पारियों पर नजर डालें, तो इस दौरान उन्होंने केवल 232 रन ही बनाए हैं. उनका औसत 19.33 का है और स्ट्राइक रेट 127.47 ही रहा है. विशेष रूप से एशिया कप के दौरान, उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह पाना कठिन हो गया क्योंकि युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को तरजीह दी जा रही थी.
इस अवधि में सैमसन ने सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है, और उनका बेस्ट स्कोर 39 रन रहा. तीन बार तो उन्होंने दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं किया. ऐसे में टी20 वर्ल्ड कप से पहले उनकी स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
ईशान किशन का दबाव
टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने संजू सैमसन के साथ ईशान किशन को भी मौके दिए हैं. यदि सैमसन फॉर्म हासिल नहीं कर पाए और ईशान किशन अच्छा प्रदर्शन करें, तो प्लेइंग इलेवन में उनका चयन मुश्किल हो जाएगा. हालांकि ईशान किशन का भी वापसी मैच में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा, उन्होंने केवल 8 रन बनाए और जैकब डफी ने उनका विकेट लिया.
अभिषेक शर्मा ने दिखाई ताकत
संजू सैमसन की नाकामी के बावजूद, उनके ओपनिंग पार्टनर अभिषेक शर्मा ने टीम के लिए राहत भरी पारी खेली. शर्मा ने 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जिसमें 4 छक्के और 3 चौके शामिल थे. इस पारी के दौरान अभिषेक ने छक्कों के मामले में युवराज सिंह को भी पीछे छोड़ दिया.
टी20 वर्ल्ड कप से पहले सैमसन की चुनौती
संजू सैमसन के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है. टी20 वर्ल्ड कप से पहले फॉर्म हासिल करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए. टीम प्रबंधन पर भी यह जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे सही विकल्प चुनें. अगर सैमसन अपनी कमजोरियों पर काम नहीं करते, तो युवा ईशान किशन की बढ़ती क्षमता और भरोसा उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने से रोक सकता है.
नागपुर T20 में सैमसन की फेल्योर सिर्फ एक मैच की नहीं है, बल्कि यह उनके पिछले प्रदर्शन का संकेत भी है. फैंस और टीम इंडिया को उम्मीद होगी कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले सैमसन अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करें और टीम के लिए भरोसेमंद बल्लेबाज साबित हों.
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