लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा बदलाव, पूर्व अग्निवीरों को भी राहत; पढ़ें सैनी कैबिनेट के 5 बड़े फैसले

Haryana Cabinet Decisions: हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई है.

Haryana Cabinet Decisions Lado Lakshmi Scheme Ex Agniveer Benefits
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Haryana Cabinet Decisions: हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई है. इन फैसलों का असर महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता, स्थानीय निकायों के बजट, मीडिया कर्मियों के कल्याण और पूर्व अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया पर पड़ेगा. सरकार ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र परिवारों की आय सीमा में बदलाव करने के साथ-साथ लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया को भी आसान बनाने का निर्णय लिया है. इसके अलावा, स्थानीय निकायों को राज्य के कर राजस्व का 7 प्रतिशत हिस्सा देने की व्यवस्था जारी रखने की मंजूरी दी गई है.

लाडो लक्ष्मी योजना में आय सीमा बढ़ाने का फैसला

मंत्रिमंडल ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है. वहीं, तीन विशेष श्रेणियों के लिए आय सीमा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है. इनमें उन माताओं को शामिल किया गया है, जिनके बच्चों ने 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हों. इसके अलावा, कक्षा 1 से 4 तक निपुण भारत मिशन के निर्धारित मानकों के अनुसार दक्षता हासिल करने वाले बच्चों की माताओं और गंभीर या मध्यम तीव्र कुपोषण से उबरकर सामान्य स्वास्थ्य स्थिति में आए बच्चों की माताओं को भी इन श्रेणियों में शामिल किया गया है. लाभार्थियों के लिए लाइवनेस सत्यापन अब हर महीने के बजाय तीन महीने में एक बार होगा. यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू होगी.

पंचायतों और शहरी निकायों को मिलेगा 7% राजस्व हिस्सा

स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए मंत्रिमंडल ने छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार धनराशि हस्तांतरण जारी रखने की मंजूरी दी है. वित्त वर्ष 2026-27 से अगले राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें आने तक राज्य के अपने कर राजस्व का वास्तविक आधार पर 7 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निकायों को दिया जाएगा. इसमें 55 प्रतिशत राशि पंचायती राज संस्थाओं और 45 प्रतिशत शहरी स्थानीय निकायों को मिलेगी. धनराशि का आवंटन 80 प्रतिशत जनसंख्या और 20 प्रतिशत क्षेत्रफल के आधार पर किया जाएगा. वहीं, पंचायती राज संस्थाओं के भीतर जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के बीच राशि का वितरण क्रमशः 10 प्रतिशत, 15 प्रतिशत और 75 प्रतिशत के अनुपात में होगा.

मीडिया कर्मियों और CRID को लेकर भी अहम निर्णय

कैबिनेट ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) को स्वतंत्र विभाग का दर्जा देने की मंजूरी दी है. इसके साथ ही हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड को भी CRID के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने का निर्णय लिया गया है. बैठक में मीडिया कर्मियों के कल्याण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. हरियाणा मीडिया कर्मी कल्याण कोष प्रशासन योजना के तहत पात्र मीडिया कर्मियों को मिलने वाली अधिकतम वित्तीय सहायता राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का फैसला लिया गया है. इस निर्णय से योजना के तहत सहायता पाने के पात्र मीडिया कर्मियों को निर्धारित नियमों के अनुसार अधिक वित्तीय मदद मिल सकेगी.

पूर्व अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी लिखित परीक्षा से छूट

हरियाणा सरकार ने राज्य की अग्निवीर नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप सी पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को सभी प्रकार की लिखित परीक्षाओं से छूट देने की मंजूरी दी है. इसके अलावा, वन्य जीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के पदों के लिए आवेदन करने वाले पूर्व अग्निवीरों को लागू प्रावधानों के अनुसार शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट और शारीरिक माप परीक्षण से भी छूट मिलेगी. इन फैसलों के जरिए सरकार ने स्थानीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन, महिला कल्याण योजनाओं, मीडिया कर्मियों की सहायता और पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिया है.

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