8 गेंदों पर आठ छक्के... इस बल्लेबाज ने क्रिकेट में रचा इतिहास, ऐसा करने वाले बने दुनिया के तीसरे खिलाड़ी

Akash Kumar Choudhary 8 Sixes: भारतीय घरेलू क्रिकेट में रविवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ जब मेघालय के बल्लेबाज आकाश कुमार चौधरी ने रणजी ट्रॉफी में ऐसा कारनामा किया जो अब तक केवल कुछ दिग्गज खिलाड़ी ही कर पाए हैं.

Eight sixes in 8 balls Akash Kumar Choudhary created history in Ranji Trophy
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Akash Kumar Choudhary 8 Sixes: भारतीय घरेलू क्रिकेट में रविवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ जब मेघालय के बल्लेबाज आकाश कुमार चौधरी ने रणजी ट्रॉफी में ऐसा कारनामा किया जो अब तक केवल कुछ दिग्गज खिलाड़ी ही कर पाए हैं. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में लगातार छह छक्के लगाकर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया.

सूरत में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप मुकाबले के दूसरे दिन आकाश ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर लिमर डाबी के एक ओवर में छह गेंदों पर छह छक्के जड़ दिए. इस शानदार प्रदर्शन के साथ वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए. इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ दो खिलाड़ियों, भारत के रवि शास्त्री (1985, मुंबई की ओर से) और वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स (1968, नॉटिंघमशायर की ओर से) ने हासिल की थी.

आठ गेंदों पर आठ छक्के, क्रिकेट इतिहास का अनोखा रिकॉर्ड

आकाश यहीं नहीं रुके. उन्होंने लगातार आठ गेंदों पर आठ छक्के जड़कर एक अनोखा और अब तक का अभूतपूर्व रिकॉर्ड बना दिया. क्रिकेट के किसी भी प्रथम श्रेणी मैच में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. जब मेघालय की टीम बल्लेबाजी कर रही थी, तब 25 वर्षीय आकाश आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए. शुरुआत में उन्होंने कुछ गेंदों पर धैर्य दिखाया, लेकिन जल्द ही उन्होंने गियर बदला और तूफानी अंदाज में रन बटोरे.

उनकी पारी का सिलसिला इस तरह चला, पहली तीन गेंदों पर एक डॉट और दो सिंगल और फिर अगले आठ गेंदों पर लगातार आठ छक्के. इस दौरान स्टेडियम में मौजूद दर्शक हैरान रह गए और साथी खिलाड़ियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं.

सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी

आकाश ने सिर्फ 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में अब तक का सबसे तेज अर्धशतक है. इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाड़ी वेन व्हाइट के नाम था, जिन्होंने 2012 में 12 गेंदों पर पचास रन बनाए थे.

उनसे पहले 1965 में क्लाइव इनमैन ने 13 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया था. इस लिहाज से आकाश ने गेंदों के हिसाब से दोनों रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं. हालांकि समय के हिसाब से देखा जाए तो आकाश ने यह उपलब्धि 9 मिनट में हासिल की, जबकि इनमैन का रिकॉर्ड 8 मिनट का है. यानी समय की दृष्टि से आकाश इतिहास में दूसरे स्थान पर हैं.

25 वर्षीय खिलाड़ी की शानदार उपलब्धि

आकाश कुमार चौधरी की यह पारी रणजी ट्रॉफी में मेघालय के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुई. इस तूफानी बल्लेबाजी से टीम ने स्कोर तेजी से आगे बढ़ाया और विपक्षी टीम पर दबाव बनाया. आकाश 25 वर्ष के हैं और उन्होंने 2019 में अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत की थी. 

अब तक उन्होंने 30 मैचों में 503 रन बनाए हैं. उनकी औसत 14.37 रही है, लेकिन रविवार की यह पारी उनके करियर का सबसे बड़ा आकर्षण बन गई. उनका यह प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि छोटे राज्यों से आने वाले खिलाड़ी भी अब भारतीय क्रिकेट के मानचित्र पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं.

रवि शास्त्री और गैरी सोबर्स की बराबरी

आकाश का यह कारनामा क्रिकेट इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित उपलब्धियों में गिना जाएगा. उनसे पहले 1985 में मुंबई के रवि शास्त्री ने रणजी ट्रॉफी में बारोडा के खिलाफ तिलक राज की गेंदों पर लगातार छह छक्के जड़े थे. इससे पहले 1968 में गैरी सोबर्स ने इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में मिडलसेक्स के गेंदबाज मैल्कम नैश की गेंदों पर छह छक्के लगाए थे. आकाश अब इस ऐतिहासिक सूची में तीसरे नाम के रूप में शामिल हो गए हैं.

लिमर डाबी पर पड़ा हमला, मैच में बना रिकॉर्ड

आकाश की यह विस्फोटक पारी तब आई जब मेघालय की टीम पहली पारी के अंतिम चरण में थी. उन्होंने लिमर डाबी के ओवर में लगातार छह छक्के जड़ दिए, जिनमें कुछ गेंदें लॉन्ग-ऑन और मिड-विकेट के ऊपर से सीधे स्टैंड में गईं. मैदान में मौजूद दर्शकों और साथी खिलाड़ियों ने इस प्रदर्शन पर खड़े होकर तालियां बजाईं. मैच के बाद टीम प्रबंधन ने कहा कि आकाश का यह प्रदर्शन रणजी इतिहास में दर्ज हो जाएगा.

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