नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राशन व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले के तहत अब राशन कार्ड के लिए सालाना पारिवारिक आय सीमा को बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दिया गया है. इसके साथ ही सरकार ने डिजिटल करेंसी के जरिए राशन वितरण की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. माना जा रहा है कि इस फैसले से राजधानी के लाखों जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी और राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर भी लगाम लगेगी.
डिजिटल करेंसी के जरिए सीधे मिलेगा राशन का लाभ
सरकार की नई योजना के मुताबिक अब राशन कार्ड धारकों के बैंक खातों में डिजिटल करेंसी ट्रांसफर की जाएगी. लाभार्थी इसी डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल कर राशन खरीद सकेंगे. सरकार का मानना है कि इससे बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी. राशन केवल उसी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखना आसान होगा. यह कदम देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
आय सीमा बढ़ने से ज्यादा परिवार होंगे पात्र
अब तक दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने के लिए सालाना पारिवारिक आय सीमा करीब 1 लाख 20 हजार रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 लाख 50 हजार रुपये कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें. नई आय सीमा लागू होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी राशन योजना के दायरे में आ जाएंगे जो पहले पात्र नहीं थे.
लाखों नाम हटने के बाद जारी होंगे नए राशन कार्ड
दिल्ली सरकार ने हाल ही में राशन कार्डों का बड़ा ऑडिट कराया था. इस जांच के दौरान करीब 7 लाख 72 हजार सदस्यों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए गए. सरकार का कहना है कि कई नाम ऐसे थे जो नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए या लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे. अब इनकी जगह नए पात्र लोगों को राशन कार्ड जारी किए जाएंगे. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
13 साल बाद जारी होंगे नए राशन कार्ड
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पिछले 13 वर्षों में दिल्ली में कोई नया राशन कार्ड जारी नहीं किया गया. इस दौरान कई जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना से वंचित रह गए थे. अब सरकार ने व्यवस्था में सुधार करते हुए नए आवेदन आमंत्रित किए हैं ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक सुविधा पहुंच सके.
जांच में सामने आए कई चौंकाने वाले मामले
सरकारी ऑडिट के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी और अमान्य राशन कार्ड सामने आए. सरकार के मुताबिक करीब 1.44 लाख ऐसे लाभार्थियों को हटाया गया जो आय मानदंड पर खरे नहीं उतरते थे. वहीं 35 हजार से ज्यादा लोग लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे. इसके अलावा लगभग 29 हजार लाभार्थियों को मृत पाया गया, जबकि 23 हजार से अधिक राशन कार्ड डुप्लिकेट निकले. सरकार का कहना है कि इन गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए डिजिटल सिस्टम लागू किया जा रहा है.
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