Delhi Pollution: धूल, धुआं और ट्रैफिक पर लगाम की तैयारी, दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू; जानें नए नियम

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है. प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी स्टेज-2 को लागू कर दिया है.

Delhi Pollution GRAP-2 implemented in Delhi-NCR here are the new rules
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है. प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी स्टेज-2 को लागू कर दिया है. इसके तहत दिल्ली और आसपास के शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे. आयोग ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं.

राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) तेजी से बढ़ा है. 31 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 117 था, जो 1 नवंबर को बढ़कर 261 हो गया. वहीं, 2 नवंबर को यह 324 दर्ज किया गया. हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद GRAP-2 लागू करने का फैसला लिया गया है.

क्या है GRAP का दूसरा चरण?

GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान प्रदूषण को काबू करने के लिए बनाया गया है. इसे हवा की गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग चरणों में लागू किया जाता है. इसके चार चरण हैं. पहला खराब, दूसरा बेहद खराब, तीसरा गंभीर और चौथा बेहद गंभीर वायु गुणवत्ता की स्थिति में लागू होता है.

जब AQI बेहद खराब स्तर पर पहुंचता है, तब GRAP-2 के उपाय लागू किए जाते हैं. इस दौरान पहले चरण के नियम भी जारी रहते हैं और प्रदूषण कम करने के लिए कुछ अतिरिक्त कदम उठाए जाते हैं. इनका मुख्य मकसद हवा में धूल और दूसरे प्रदूषक कणों को कम करना है.

सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ेगा

GRAP-2 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR की प्रमुख सड़कों और ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में मशीनों से सफाई कराई जाएगी. सड़कों पर जमा धूल को उड़ने से रोकने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव भी होगा.

प्रदूषण के हॉटस्पॉट यानी ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों पर खास नजर रखी जाएगी. यहां सफाई और धूल रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे. निर्माण स्थलों पर भी नियमों का पालन कराना जरूरी होगा. निर्माण सामग्री को खुले में रखने और उससे धूल उड़ने जैसी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी.

निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा

प्रदूषण कम करने के लिए लोगों से निजी गाड़ियों का इस्तेमाल घटाने की अपील की गई है. इसके लिए मेट्रो, बस और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों का अधिक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम होने से गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.

इसके अलावा, पार्किंग फीस बढ़ाने का भी प्रावधान है. इसका मकसद निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है.

सरकारी दफ्तरों के समय में हो सकता है बदलाव

दिल्ली-NCR में प्रदूषण को देखते हुए सरकारी कार्यालयों के कामकाज के समय में बदलाव करने पर भी विचार किया जा रहा है. दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा के सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव किया जा सकता है.

इससे सुबह और शाम एक ही समय पर सड़कों पर वाहनों की भीड़ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा, कर्मचारियों को घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह देने पर भी विचार किया जा रहा है. इससे रोजाना दफ्तर आने-जाने वाले वाहनों की संख्या घट सकती है.

लोगों से भी सहयोग करने की अपील

GRAP-2 के तहत सरकारी एजेंसियों के साथ आम लोगों की भूमिका भी अहम होगी. लोगों से बेवजह निजी वाहन लेकर बाहर न निकलने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की गई है. साथ ही, प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है.

अब दिल्ली-NCR में संबंधित विभागों को इन उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करना होगा. प्रशासन की कोशिश है कि धूल, वाहनों और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को कम करके हवा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके.