अमेरिका से लेकर दक्षिण अफ्रीका तक... इन 21 देशों में कोरोना ने दी दस्तक, इस नए वेरिएंट ने मचाई खलबली

COVID-19 New Variant: दुनियाभर में COVID-19 का खतरा पूरी तरह खत्म भी नहीं होता कि इसका कोई नया रूप सामने आ जाता है. पिछले कुछ हफ्तों में ओमिक्रॉन का एक नया सब-वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैलता नजर आ रहा है, जिसे एक्सपर्ट्स ने ‘सिकाडा’ नाम दिया है.

Corona knocked in 21 countries from America to South Africa Cicada variant created panic
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

COVID-19 New Variant: दुनियाभर में COVID-19 का खतरा पूरी तरह खत्म भी नहीं होता कि इसका कोई नया रूप सामने आ जाता है. पिछले कुछ हफ्तों में ओमिक्रॉन का एक नया सब-वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैलता नजर आ रहा है, जिसे एक्सपर्ट्स ने ‘सिकाडा’ नाम दिया है.

इस वेरिएंट की पहचान सबसे पहले दक्षिण अफ़्रीका में हुई थी और अब यह अमेरिका और यूरोप समेत करीब 23 देशों तक पहुंच चुका है. इसकी तेजी से फैलने की क्षमता को देखते हुए हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे लेकर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

क्या है ‘सिकाडा’ वेरिएंट की खासियत?

इस नए वेरिएंट की सबसे बड़ी खासियत इसमें पाए जाने वाले म्यूटेशन हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें करीब 70 से 75 म्यूटेशन मौजूद हैं, जो मुख्य रूप से इसके स्पाइक प्रोटीन में पाए गए हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में म्यूटेशन इसे ज्यादा संक्रामक बना सकते हैं.  यही वजह है कि इसे “वेरिएंट अंडर वॉच” की श्रेणी में रखा गया है. अमेरिका में इसके मामले 25 राज्यों तक पहुंच चुके हैं, जहां एयरपोर्ट के वेस्ट वॉटर और यात्रियों के सैंपल में इसकी पुष्टि हुई है.

क्या वैक्सीन पर असर पड़ेगा?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि म्यूटेशन की अधिक संख्या के कारण यह वेरिएंट कुछ हद तक वैक्सीन से मिलने वाली इम्युनिटी को प्रभावित कर सकता है. हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक इसके कारण गंभीर बीमारी या मौत के मामलों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं देखी गई है. ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के से मध्यम स्तर के ही सामने आए हैं और अस्पताल में भर्ती होने की दर भी सामान्य बनी हुई है.

क्या हैं इसके लक्षण?

‘सिकाडा’ वेरिएंट के लक्षण काफी हद तक ओमिक्रॉन जैसे ही हैं. संक्रमित लोगों में गले में खराश, थकान, बुखार, खांसी और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं. सबसे आम लक्षण गले में खराश बताया जा रहा है. 

इसके अलावा कुछ मामलों में रात में ज्यादा पसीना आना, त्वचा पर चकत्ते और स्वाद या गंध का कम होना भी सामने आया है. अगर इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके

भारत में क्या है स्थिति?

India में फिलहाल इस वेरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है, जिससे थोड़ी राहत जरूर है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के चलते इसके फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में बड़ी आबादी को वैक्सीन लग चुकी है, जिससे गंभीर खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है. मौजूदा वैक्सीन अभी भी गंभीर बीमारी और मौत के जोखिम को काफी हद तक कम करने में प्रभावी मानी जा रही हैं.

कैसे करें बचाव?

इस नए वेरिएंट से बचने के लिए वही सावधानियां जरूरी हैं जो पहले से अपनाई जाती रही हैं. भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, बाहर निकलते समय मास्क पहनें और हाथों की सफाई का ध्यान रखें. अगर कोई लक्षण दिखाई दे, तो लापरवाही न करें और तुरंत टेस्ट कराएं.

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