Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन हो रहा है. इस दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे. सरकार ने यात्रा के लिए पूरी तैयारी कर ली है और इस बार यात्रा को और भी सुरक्षित और आरामदायक बनाने का दावा किया है.
18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
अब तक 18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. यात्रा हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होती है और यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, और बद्रीनाथ तक जाती है. यात्रा के दौरान मौसम ठंडा रहता है, खासकर अप्रैल और मई में, इसलिए श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े साथ रखने की सलाह दी जा रही है. रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जरूरी हैं.
पिछले साल 2025 में चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु आए थे, करीब 50 लाख लोग यात्रा में शामिल हुए थे. इस बार भी यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. इसके लिए सरकार ने व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर खास ध्यान दिया है. गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप के मुताबिक, यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में बांटा गया है, और यात्रा के हर पड़ाव पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है.
बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 21 अप्रैल तक उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. इसके मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रा के सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं.
सरकार की तैयारी
राज्य सरकार ने यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए 20 से अधिक बैठकें की हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी के लिए महत्वपूर्ण है और सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 7000 पुलिसकर्मी तैनात
उत्तराखंड पुलिस प्रशासन चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से तैयार है. आईजी राजीव स्वरूप ने बताया कि यात्रा के मार्ग पर सड़क की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है, और लैंडस्लाइड जोन की निगरानी के लिए SDRF, PWD और BRO की टीमों के साथ जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं.
सुरक्षा के लिए करीब 7000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें एडिशनल एसपी से लेकर कांस्टेबल तक के जवान शामिल हैं. इसके अलावा, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियों की मदद ली जाएगी, जो मई के पहले हफ्ते तक पहुंचने की उम्मीद है. आईजी ने विश्वास दिलाया कि पुलिस प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा की सुविधा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
चारधाम यात्रा 2026 के कपाट खुलने की तिथियां
इस बार यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को सही जानकारी और जरूरी इंतजामों की पूरी तैयारी करनी चाहिए.
ये भी पढ़ें- Love Rashifal: ये 4 राशि वाले प्यार में बरतें सावधानी! वृषभ वाले करेंगे रोमांस, जानें आज का लव राशिफल