दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में हुई भीषण आग की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है. इस हादसे में 21 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने राजधानी भर में नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई तेज कर दी है.
एमसीडी के अनुसार, 1 जून से अब तक दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 94 अवैध या नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है, जबकि 114 अन्य परिसरों को सील किया गया है. इसके अलावा, भवन उपनियमों के उल्लंघन और संपत्तियों के गलत उपयोग से जुड़े मामलों में 158 नोटिस भी जारी किए गए हैं.
कई इलाकों में चला अभियान
नगर निगम ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के सैद-उल-अजैब, हौज रानी, खिड़की एक्सटेंशन, सावित्री नगर, खानपुर और गौतम नगर जैसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान तीन संपत्तियों को गिराया गया और 18 संपत्तियों को सील किया गया.
एमसीडी के मुताबिक, केवल इन क्षेत्रों में ही 1 जून के बाद से ध्वस्तीकरण और सीलिंग की 41 अलग-अलग कार्रवाइयां की जा चुकी हैं.
अग्निकांड के बाद बढ़ी चिंता
यह कार्रवाई हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे बेड-एंड-ब्रेकफास्ट में लगी आग की घटना के बाद की जा रही है. इस हादसे ने अवैध व्यावसायिक गतिविधियों, भवन सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
नगर निगम का कहना है कि राजधानी में ऐसे सभी परिसरों की पहचान की जा रही है जहां भवन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है या आवासीय भवनों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है.
प्रशासन के निर्देश पर कार्रवाई
एमसीडी ने बताया कि यह अभियान दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है. अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है.
दीर्घकालिक समाधान पर भी जोर
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक उपायों पर भी काम कर रही है.
इसके तहत अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें इमारतों, गेस्ट हाउसों, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाली जगहों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस सिस्टम विकसित किया जा सके. इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं की स्थिति में बेहतर सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
प्रशासन का मानना है कि सख्त निगरानी, नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के प्रभावी पालन से राजधानी में अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है.
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