Breaking News: देश की विधानसभाओं में कामकाज को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की तैयारी चल रही है. विधायकों के सवालों के जवाब में देरी, सदन की बैठकों के लिए कम समय और कार्य दिवसों की संख्या जैसे मुद्दों को देखते हुए सभी राज्यों की विधानसभाओं के लिए एक समान मॉडल नियमावली तैयार करने पर विचार किया जा रहा है. इसका उद्देश्य विधायी कार्यवाही को बेहतर बनाना और जनता के प्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
इस दिशा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति अहम भूमिका निभा रही है. उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई समिति की दूसरी बैठक में विभिन्न राज्यों के सुझावों और नियमों में बदलाव की जरूरत पर चर्चा की गई. बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधायिका लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि विधायक जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं.
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