भारत-ब्राज़ील संबंधों में नई गति, राष्ट्रपति लूला ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की

भारत और ब्राज़ील के बीच द्विपक्षीय सहयोग अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है. ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला डी सिल्वा ने संकेत दिया है कि वे भारत के साथ बहुआयामी रणनीतिक गठबंधन स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

Brazil President says civilians like indians
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भारत और ब्राज़ील के बीच द्विपक्षीय सहयोग अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है. ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला डी सिल्वा ने संकेत दिया है कि वे भारत के साथ बहुआयामी रणनीतिक गठबंधन स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. यह घोषणा उन्होंने उपराष्ट्रपति गेराल्डो एल्कमिन की हालिया भारत यात्रा के बाद की है.

लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर जारी एक वीडियो संदेश में भारत की क्षमताओं की सराहना करते हुए कहा कि भारत ब्राज़ील के लिए एक ‘असाधारण साझेदार’ बन सकता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक, आर्थिक, अंतरिक्ष और तकनीकी क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर बड़ी साझेदारियां विकसित कर सकते हैं.

ब्राज़ील की रणनीति में भारत अहम भूमिका में

राष्ट्रपति लूला ने स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति एल्कमिन की भारत यात्रा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसने भारत-ब्राज़ील साझेदारी को ठोस आधार देने का कार्य किया है. लूला ने कहा, “भारत के साथ हमारा संबंध ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण रहा है. हमें भारतीयों का सहयोग मिलता रहा है और हम भी भारत को एक विश्वसनीय मित्र मानते हैं.” उन्होंने यह भी बताया कि वह 2026 की शुरुआत में भारत का दौरा करने की योजना बना रहे हैं, जो कि दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने का अवसर बनेगा.

अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव के बीच भारत-ब्राज़ील नजदीक

गौरतलब है कि अमेरिका और ब्राज़ील के बीच व्यापारिक संबंधों में खटास बढ़ रही है. अगस्त में अमेरिकी प्रशासन ने ब्राज़ील से आने वाले कई उत्पादों पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था. इसी तरह, भारतीय सामानों पर भी अमेरिका ने समान टैरिफ लगाया था. इस पृष्ठभूमि में भारत और ब्राज़ील एक-दूसरे के साथ सहयोग को प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

भारत में ब्राज़ील की बढ़ती रुचि

उपराष्ट्रपति एल्कमिन की भारत यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक संभावनाओं का पता लगाना और भारत में निवेश की दिशा में कदम बढ़ाना रहा. उन्होंने भारत में हुए संवादों के बाद बताया कि कई ब्राज़ीलियाई कंपनियां अब भारतीय बाजार में उतरने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही हैं.एल्कमिन ने साझा किया कि एम्ब्रेयर जैसी ब्राज़ील की बड़ी विमानन कंपनी भारत में अपना नया ऑफिस खोल रही है. इसके अलावा दोनों देशों के बीच इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा की सुविधा, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और नई साझेदारियों के निर्माण जैसे अहम कदम उठाए जा रहे हैं.

'प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग है हमारा लक्ष्य'

भारत में हुए संवाद के दौरान एल्कमिन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत और ब्राज़ील के रिश्ते प्रतिस्पर्धा पर आधारित नहीं हैं, बल्कि ये परस्पर सहयोग और साझा विकास की भावना पर आधारित हैं. उन्होंने कहा, “दोनों देश लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं, बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था के पक्षधर हैं और आर्थिक सहयोग की असीम संभावनाएं रखते हैं.”उन्होंने भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए बताया कि देश की वार्षिक वृद्धि दर लगभग 7 प्रतिशत है. वहीं ब्राज़ील का कृषि उत्पादन इस वर्ष 16 प्रतिशत तक बढ़ा है, जो दोनों देशों के बीच कृषि, प्रौद्योगिकी, उद्योग और खनन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को और बढ़ाता है.

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