ब्राजील के रियो डी जेनेरो शहर में मंगलवार का दिन मानो किसी युद्ध का दृश्य लेकर आया. तड़के सुबह शुरू हुई एक भीषण पुलिस कार्रवाई ने शहर के उत्तरी हिस्से को रणभूमि में बदल दिया. यह कार्रवाई देश के सबसे पुराने और शक्तिशाली आपराधिक गिरोह रेड कमांड (Comando Vermelho) के खिलाफ की गई थी. इस मुठभेड़ में अब तक 64 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें चार पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं. स्थानीय प्रशासन ने इसे अब तक का ब्राजील का सबसे बड़ा एनकाउंटर बताया है.
पुलिस ने ‘ऑपरेशन कंटेनमेंट’ नाम से इस कार्रवाई को अंजाम दिया. यह एक साल लंबी खुफिया जांच के बाद शुरू किया गया था. कार्रवाई सुबह-सुबह रियो के एलेमाओ और पेनहा क्षेत्रों की फावेलास (झुग्गी बस्तियों) में की गई, जहां गिरोह का मुख्य ठिकाना था. लगभग 2,500 सिविल और मिलिट्री पुलिसकर्मी इस ऑपरेशन में शामिल हुए. मुठभेड़ इतनी भयावह थी कि गोलियों की आवाजें घंटों तक गूंजती रहीं और कई जगह आग की लपटें आसमान तक उठती दिखाई दीं. अपराधियों ने जवाबी कार्रवाई में ड्रोन से बम गिराए, सड़कों पर बैरिकेड्स में आग लगा दी और अंधाधुंध फायरिंग की.
पुलिस ने बरामद किया भारी हथियारों का जखीरा
राज्य पुलिस विभाग के मुताबिक, अब तक 42 राइफलें, 200 किलो से ज्यादा नशीला पदार्थ और दर्जनों हैंडगन जब्त की गई हैं. करीब 80 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई ऐसे अपराधी भी हैं जो दूसरे राज्यों से आकर रियो में छिपे थे. इस दौरान चार पुलिसकर्मी शहीद हुए, जबकि कम से कम 50 मृतक संदिग्ध अपराधी बताए जा रहे हैं. दर्जनों नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें कुछ निर्दोष राहगीर भी शामिल हैं जो गोलीबारी की चपेट में आ गए.
ड्रोन से हमला, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
सरकारी सूत्रों ने बताया कि गिरोह ने पुलिस पर हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया — जो अपने आप में ब्राजील में अपराधियों की नई रणनीति मानी जा रही है. ड्रोन से गिराए गए छोटे बमों और पेट्रोल बमों ने कई जगहों पर आग भड़का दी. अधिकारियों ने कहा कि यह किसी सशस्त्र आतंकवादी संगठन जैसा समन्वित हमला था.
अपराधियों की जड़ें और विस्तार
1970 के दशक में ब्राजील की सैन्य तानाशाही के दौर में कुछ राजनीतिक बंदियों और अपराधियों ने मिलकर रेड कमांड की नींव रखी थी. उस समय इसका उद्देश्य जेल में एकजुट रहकर राज्य की बर्बरता का विरोध करना था, लेकिन समय के साथ यह संगठन नशीली दवाओं की तस्करी, अपहरण और जबरन वसूली में लिप्त एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह बन गया. वर्तमान में यह रियो डी जेनेरो के हवाई अड्डे के आसपास की झुग्गियों से अपना नेटवर्क चला रहा था और धीरे-धीरे ब्राजील के अन्य राज्यों तक फैल रहा था.
संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन से पहले सुरक्षा सख्त
ब्राजील सरकार का मानना है कि यह कार्रवाई केवल अपराध नियंत्रण के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टि से भी अहम कदम थी. नवंबर में ब्राजील के बेलेम शहर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन (UN Climate Summit) से पहले अपराधियों की सक्रियता को लेकर चिंता बढ़ गई थी. रियो हवाई अड्डे के पास फावेलास में रेड कमांड की मौजूदगी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही थी.
सरकार ने दी चेतावनी, अभियान जारी रहेगा
राज्यपाल क्लाउडियो कास्त्रो ने कहा, “यह सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराध के खिलाफ युद्ध है. जब तक रियो की गलियों से ड्रग माफिया का सफाया नहीं हो जाता, यह ऑपरेशन जारी रहेगा.” सुरक्षा अधिकारियों ने भी माना है कि जैसे-जैसे तलाशी अभियान आगे बढ़ेगा, मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
फावेलास में पसरा सन्नाटा
कार्रवाई के बाद एलेमाओ और पेनहा इलाकों में सन्नाटा पसरा है. कई घरों में गोलियों के निशान हैं, सड़कों पर जली हुई गाड़ियां और धुएं की गंध अब भी फैली हुई है. लोगों में डर है कि गिरोह के सदस्य बदला लेने की कोशिश कर सकते हैं.
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