Jaish-e-Mohammed Woman Arrested: राजस्थान की राजधानी जयपुर में आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है. सुरक्षा एजेंसियों को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई. महिला पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने का आरोप है. गिरफ्तार महिला की पहचान बबीता धाकड़ के रूप में हुई है. वह मूल रूप से गंगापुर की रहने वाली है और फिलहाल जयपुर में रह रही थी.
धर्म परिवर्तन के बाद बदला नाम
जांच एजेंसियों के अनुसार, महिला ने ऑनलाइन धर्म परिवर्तन किया था और इसके बाद अपना नाम खदीजा रख लिया था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों और संदिग्ध समूहों के संपर्क में थी. बताया जा रहा है कि उसे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रभावित किया गया और बाद में उससे संवेदनशील जानकारियां जुटाने की कोशिश की गई.
आतंकी हैंडलर्स से संपर्क के आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि महिला कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कुछ हैंडलर्स के संपर्क में थी. एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसका नेटवर्क कितना बड़ा था और वह किन-किन लोगों से जुड़ी हुई थी.
मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट से मिले अहम सुराग
एटीएस ने महिला को रविवार को हिरासत में लिया था. बाद में अदालत में पेश करने के बाद उसे 27 जून तक एटीएस रिमांड पर भेज दिया गया. जांच के दौरान महिला के मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और एक फेसबुक अकाउंट की जांच की गई. अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया अकाउंट से कई संदिग्ध संपर्कों और विदेशी प्रोफाइल से जुड़े लिंक मिले हैं.
व्हाट्सएप चैट की भी जांच
प्रारंभिक जांच में महिला के व्हाट्सएप पर कई पाकिस्तानी और अन्य विदेशी नंबरों से बातचीत के सबूत मिलने की बात सामने आई है. जांच एजेंसियां इन सभी संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं.
पाकिस्तान जाने की थी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में महिला ने बताया कि वह पाकिस्तान जाना चाहती थी और इसके लिए कुछ लोगों द्वारा तैयारी की जा रही थी. हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए जांच जारी है.
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
एटीएस ने महिला के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं.
ये भी पढ़ें- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, 10 साल में पद छोड़ने वाले छठे पीएम बने