Solar Eclipse 2026: अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 12 अगस्त 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है. इस दिन एक दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसमें कुछ जगहों पर दिन के समय अंधेरा छा जाएगा. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के मुताबिक, यह ग्रहण यूरोप और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र के कई हिस्सों में दिखाई देगा.
सूर्य ग्रहण क्या होता है?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है. इस दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी या आंशिक रूप से ढक लेता है. जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है. इस समय कुछ मिनटों के लिए दिन में भी अंधेरा जैसा माहौल बन जाता है.
कितनी देर तक रहेगा पूर्ण ग्रहण?
NASA के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को लगने वाले इस पूर्ण सूर्य ग्रहण की अधिकतम अवधि 2 मिनट 18 सेकंड होगी. ग्रहण का पूरा रास्ता उत्तरी अटलांटिक महासागर से होकर उत्तरी स्पेन तक जाएगा. इस दौरान कई इलाकों में कुछ समय के लिए दिन का उजाला गायब हो जाएगा.
आइसलैंड में 72 साल बाद दिखेगा नजारा
यह खगोलीय घटना आइसलैंड के लिए भी बेहद खास होगी. यहां 1954 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके बाद आइसलैंड में अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण 2196 से पहले देखने को नहीं मिलेगा.
यूरोप में कहां-कहां दिखाई देगा?
पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य रास्ता उत्तरी स्पेन और बैलेरिक द्वीप समूह से होकर गुजरेगा. इसके अलावा यूरोप के अधिकांश देशों में यह घटना दिखाई देगी, लेकिन वहां लोगों को आंशिक सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा.
क्या भारत में दिखाई देगा?
भारत में रहने वाले लोग इस पूर्ण सूर्य ग्रहण को नहीं देख पाएंगे. इसकी छाया भारत तक नहीं पहुंचेगी, इसलिए देश में यह खगोलीय घटना दिखाई नहीं देगी. ग्रहण देखने के लिए यूरोप के कुछ हिस्से सबसे बेहतर स्थान माने जा रहे हैं.
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