मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार, दिल्ली-हरियाणा पुलिस और NIA को थी तलाश

भारत में हत्या, अपहरण और जबरन वसूली जैसे कई गंभीर मामलों में वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है. उसे अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पकड़ा है.

Most-wanted gangster Himanshu Bhau arrested in the US india extradition
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Himanshu Bhau Arrested: भारत में हत्या, अपहरण और जबरन वसूली जैसे कई गंभीर मामलों में वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है. उसे अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पकड़ा है. हिमांशु भारत के मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल था और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ दिल्ली और हरियाणा पुलिस को भी उसकी तलाश थी. उसे गुजरात की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का दुश्मन माना जाता है.

हिमांशु और उसके गिरोह के खिलाफ हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या, अपहरण और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं. उसके खिलाफ इंटरपोल का नोटिस भी जारी किया गया था. वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था. इससे पहले उसके पुर्तगाल में छिपे होने की खबर सामने आई थी.

17 साल की उम्र में दर्ज हुआ था हत्या का मामला

हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु रिटोलिया है. वह हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ पहला हत्या का मामला साल 2020 में दर्ज हुआ था. उस समय उसकी उम्र महज 17 साल थी.

बताया जाता है कि गांव के एक व्यक्ति से विवाद के बाद हिमांशु ने दिनदहाड़े उसे गोली मार दी थी. नाबालिग होने के कारण उसे बाल सुधार गृह भेजा गया, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद वह वहां से फरार हो गया. इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में तेजी से कदम बढ़ाए.

दिल्ली-NCR से पंजाब तक फैला नेटवर्क

हिमांशु भाऊ का नाम दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में हुई कई बड़ी वारदातों में सामने आया. उसका संबंध गैंगस्टर नीरज बवाना से जुड़े गिरोह से भी बताया जाता है. मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर गोलीबारी और जिम ट्रेनर विजय की हत्या जैसे मामलों में भी उसका नाम आया था.

पुलिस के मुताबिक, हिमांशु ने साल 2022 में भारत छोड़ने से पहले कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों की मदद से पासपोर्ट बनवाया था. इसके बाद वह विदेश में छिपकर रहने लगा. साल 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल का नोटिस जारी किया गया. अब अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी को भारतीय एजेंसियों के लिए अहम कामयाबी माना जा रहा है.