भारत24, नेशनल डेस्क: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले राजनीतिक दलों के बीच वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है. यूपी में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें हैं इसलिए इस राज्य का राजनीतिक तापमान अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा रहता है. इसी क्रम में समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती आमने-सामने आ गए हैं. एक दिन पहले यानी रविवार से ही दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. मायावती ने सपा को दलित विरोधी पार्टी करार दिया है और किसी अनहोनी की आशंका जताई है. मायावती ने योगी आदित्यनाथ सरकार से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और बीएसपी पार्टी कार्यालय को दूसरी जगह शिफ्ट करने का अनुरोध किया है. इस बीच यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगर सुरक्षा बढ़ाने को लेकर मायावती की ओर से कोई अनुरोध आएगा तो सरकार उस पर विचार करेगी.
दलित विरोधी पार्टी है सपा- मायावती
मायावती ने सोमवार को कहा, 'सपा न सिर्फ अति पिछड़ी पार्टी है बल्कि घोर दलित विरोधी भी है. हालांकि, पिछले लोकसभा आम चुनाव में बसपा ने सपा के साथ गठबंधन कर अपनी दलित विरोधी चाल, चरित्र और चेहरा बदलने की कोशिश की थी. लेकिन चुनाव ख़त्म होने के बाद सपा फिर से अपने दलित विरोधी जातिवादी एजेंडे पर आ गयी.
2 जून 1995 की घटना का जिक्र
बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया पर आगे लिखा, वैसे भी, 2 जून 1995 सहित सपा के जघन्य कृत्यों और उनकी सरकार के दौरान जिस तरह से कई दलित विरोधी फैसले लिए गए हैं, उसे देखते हुए। जिसमें बसपा यूपी प्रदेश कार्यालय के पास एक ऊंचे पुल के निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है, जहां से षड्यंत्रकारी अराजक तत्व पार्टी कार्यालय, कर्मचारियों और राष्ट्रीय प्रमुख को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
2 जून 1995 को क्या हुआ था?
आपको बता दें कि मायावती ने अपने पोस्ट में 2 जून 1995 का जिक्र किया है. इसी दिन गेस्ट हाउस कांड हुआ था. दरअसल, 1993 में यूपी में एसपी-बीएसपी ने गठबंधन किया था. जीत के बाद मुलायम सिंह गठबंधन सरकार में सीएम बने लेकिन मतभेद के बाद बीएसपी ने अपना समर्थन वापस ले लिया. बताया जाता है कि सरकार खतरे में आने के बाद सपा समर्थकों ने लखनऊ के मीराबाई मार्ग स्थित गेस्ट हाउस में मायावती के कमरा नंबर 1 पर हमला कर दिया. हालांकि, किसी तरह से मायावती को बचा लिया गया. इसके बाद मायावती ने इस हमले के लिए मुलायम सिंह यादव को जिम्मेदार ठहराया.
गौरतलब है कि इस साल अप्रैल महीने में देश की सभी 543 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है. वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार है। विपक्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में वापसी की कोशिश में है. जिसके लिए विपक्ष ने इंडिया अलायंस बनाया है. इस गठबंधन में मायावती की पार्टी को छोड़कर देश की लगभग सभी विपक्षी पार्टियां शामिल हैं.
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